न्यायालय प्रदर्शनों के दौरान आवश्यक सेवाओं के बाधित होने के मुद्दे पर सुनवाई करेगा

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न्यायालय प्रदर्शनों के दौरान आवश्यक सेवाओं के बाधित होने के मुद्दे पर सुनवाई करेगा

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 01:40 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 01:40 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई, जिसमें विरोध प्रदर्शनों के दौरान आवश्यक सेवाओं के बाधित होने के मुद्दे को उठाया गया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान आवश्यक सेवाएं बाधित हुईं और आवाजाही में रुकावट आई।

वकील ने कहा कि यह पता लगाने का कोई तरीका नहीं है कि कौन प्रदर्शनकारी है और कौन नहीं, और देश भर में प्रदर्शनों के दौरान आवश्यक सेवाओं के बाधित होने का मुद्दा उठ रहा है।

पीठ ने वकील से कहा, ‘‘हम आपकी चिंताओं को समझते हैं, लेकिन इसके लिए निर्देश कैसे जारी किया जाए?’’

उच्चतम न्यायालय ने इस याचिका को एक दूसरी लंबित याचिका के साथ संलग्न कर दिया है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली में जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है, क्योंकि इससे स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है और आवश्यक सेवाएं बाधित होती हैं।

न्यायालय ने तीन अगस्त को, प्रदर्शन करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का अनुरोध करने वाली एक अन्य जनहित याचिका पर सुनवाई की सहमति जताई थी। पीठ ने कहा था कि जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों से स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है और आवश्यक वस्तुओं व चिकित्सा सेवाओं की आपूर्ति में बाधा आती है।

भाषा धीरज सुभाष

सुभाष