नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने बुधवार को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद सेंट्रल विस्टा को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर सहित दिल्ली मेट्रो परियोजना के पांचवे चरण को मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 12,014.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का पांचवां चरण राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना को मजबूत करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार परियोजना लागत में 2,940.46 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
एक बयान के अनुसार, राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को परियोजना के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि भीड़ कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना आवश्यक है।
जिन तीन कॉरिडोर को मंजूरी दी गयी, उनमें आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा होते हुए), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से इंदिरा गांधी टर्मिनल-1शामिल हैं।
प्रस्तावित 13 स्टेशनों में से 10 भूमिगत और तीन एलिवेटेड होंगे। आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.91 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में नौ स्टेशन होंगे और यह लाइन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन परिसर सहित प्रमुख प्रशासनिक व सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगा और इससे अनुमानित 60,000 सरकारी कर्मचारियों और रोजाना लगभग दो लाख यात्रियों को लाभ होगा।
जो प्रमुख स्थल इससे जुड़ेंगे उनमें आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, सीसीएस भवन, इंडिया गेट, युद्ध स्मारक-उच्च न्यायालय, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं।
इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 9,570.40 करोड़ रुपये है, जिसमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे।
एक बयान के मुताबिक, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डा टर्मिनल-1 तक 2.26 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में एक स्टेशन शामिल होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हवाई अड्डे तक मेट्रो की सीधी सुविधा और आसपास के इलाकों में यातायात जाम कम करने में मदद मिलेगी।
परियोजना की अनुमानित लागत 1,419.64 करोड़ रुपये है, जिसमें से 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में तीन स्टेशन होंगे और इससे दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
बयान के मुताबिक, इस खंड की अनुमानित लागत 1,024.87 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार का योगदान 251.36 करोड़ रुपये है।
भाषा जितेंद्र नरेश
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