हिमालय के नदी घाटी क्षेत्र में 2,485 ग्लेशियल झीलों पर नजर रख रही सरकार

हिमालय के नदी घाटी क्षेत्र में 2,485 ग्लेशियल झीलों पर नजर रख रही सरकार

हिमालय के नदी घाटी क्षेत्र में 2,485 ग्लेशियल झीलों पर नजर रख रही सरकार
Modified Date: July 24, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: July 24, 2026 4:41 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने कहा है कि वह सुदूर संवेदी (रिमोट सेंसिंग) तकनीकों का इस्तेमाल करके भारतीय हिमालयी नदी घाटी क्षेत्र में 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली 2,485 ग्लेशियल (हिमनदों से निकली) झीलों की निगरानी कर रही है।

सरकार ने यह भी कहा कि 2025 में किए गए वैज्ञानिक आकलन के आधार पर उसने 56 ग्लेशियल झीलों को ‘‘बहुत ज्यादा जोखिम’’ वाली श्रेणी में रखा है।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग हर साल जून से अक्टूबर के दौरान रिमोट सेंसिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके चार राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में ग्लेशियल झीलों की निगरानी करता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राष्ट्रीय वैज्ञानिक एजेंसियों के साथ मिलकर 2025 में भारतीय हिमालयी क्षेत्र में ज्यादा जोखिम वाली 189 ग्लेशियल झीलों का वैज्ञानिक आकलन किया।

मंत्री ने कहा, ‘‘आकलन के आधार पर, 56 ग्लेशियल झीलों को ‘बहुत ज्यादा जोखिम’ वाली श्रेणी में रखा गया, क्योंकि उनमें ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ या जीएलओएफ (ग्लेशियल झील के फटने से आने वाली बाढ़) पैदा करने की क्षमता है और उनसे निचले इलाकों में बसी आबादी और बुनियादी ढांचे को खतरा हो सकता है।’’

चौधरी ने कहा कि जीएलओएफ के खतरे के आकलन और ग्लेशियल झील की निगरानी से मिली जानकारी के आधार पर, सरकार ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र में ज्यादा जोखिम वाली चुनिंदा ग्लेशियल झीलों पर जीएलओएफ समय-पूर्व चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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