अंगदान के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का सरगना उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

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अंगदान के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का सरगना उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 02:18 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 02:18 PM IST

कोच्चि, 10 मई (भाषा) केरल में अंगदान के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

आरोपी की पहचान यहां कुन्नाथुनाड के पास पेरिंगला निवासी नजीब के रूप में हुई है।

एर्नाकुलम के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के. एस. सुदर्शन ने बताया कि नजीब को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम की ओर से इस गिरोह का भंडाफोड़ किए जाने के बाद नजीब ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और राज्य छोड़कर भाग गया। वैज्ञानिक जांच से हमारी टीम ने उसे उत्तर प्रदेश में ढूंढ निकाला। हमें संदेह है कि वह नेपाल भागने की फिराक में था।’’

उन्होंने बताया कि उड़ान उपलब्ध होने पर नजीब को रविवार को ही कोच्चि लाया जा सकेगा।

नजीब अंगदान से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के मामले में विभिन्न जिलों में दर्ज कई मुकदमों में मुख्य आरोपी है।

पुलिस शनिवार को उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर चुकी है।

इससे पहले कुन्नाथुनाड के मोरक्काला निवासी सनी वर्गीज (56) और उनकी पत्नी सिनी वर्गीज (50) तथा पट्टिमट्टम के चेलक्कुलम निवासी सनोज (32) को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा कोल्लम जिले के किलिकोल्लूर पुलिस ने एक संबंधित मामले में श्रीजा और सुधीर को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार अंगदान की प्रक्रिया में दानकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए पुलिस, स्थानीय निकायों, डॉक्टरों, विधायकों और सांसदों के प्रमाणपत्रों सहित जटिल सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होता है। आरोप है कि इस गिरोह ने ऐसे ही दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए।

यह मामला जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

भाषा खारी सुरेश

सुरेश