तिरुवनंतपुरम, छह जुलाई (भाषा) केरल के राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार ने सोमवार को विड़ण्गम समुद्री बंदरगाह परियोजना में हिस्सेदारी के प्रस्तावित हस्तांतरण पर विवाद में मुख्यमंत्री वी डी सतीशन का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री का बयान राज्य सरकार के आधिकारिक रुख को दर्शाता है।
कुमार ने कहा कि मंत्रिमंडल के हर मंत्री के लिए इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष दोहराने की ज़रूरत नहीं है।
उनका बयान इस मायने में महत्वपूर्ण है कि ऐसी खबर है कि विड़ण्गम समुद्री बंदरगाह परियोजना में हिस्सेदारी के प्रस्तावित हस्तांतरण के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा अपनाये गये रुख पर कांग्रेस के अंदर मतभेद हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री पहले ही साफ तौर पर कह चुके हैं कि हिस्सेदारी हस्तांतरण से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं आया है। जब मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख साफ कर दिया है तो हर मंत्री के लिए रोज-रोज उसे दोहराने की ज़रूरत नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि बाकी मुद्दों पर बाद में फैसला किया जा सकता है।
विड़ण्गम समुद्री बंदरगाह परियोजना में प्रस्तावित हिस्सेदारी हस्तांतरण को लेकर विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ओर से सतीशन को लगातार निशाने पर लेने के बीच राजस्व मंत्री ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी।
हाल में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को बताए बिना, विड़ण्गम समुद्री बंदरगाह की रियायती कंपनी ‘अदाणी विड़ण्गम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ (एवीपीपीएल) में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी स्विट्जरलैंड की बड़ी शिपिंग कंपनी ‘मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी’ (एमएससी) को हस्तांतरित करने के ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड ’ (एपीएसईजेड) के प्रस्ताव पर राज्य सरकार की नाराज़गी जाहिर की थी।
सतीशन ने कहा था कि सरकार ने प्रस्तावित विनिमय के लिए मंजूरी नहीं दी है और रियायती समझौते के प्रावधानों के तहत एक अधिकार-प्राप्त समिति इस मामले की जांच करेगी।
हालांकि एलडीएफ ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित हिस्सेदारी हस्तांतरण सत्तारूढ़ यूडीएफ के शीर्ष नेतृत्व या मुख्यमंत्री सतीशन की जानकारी में हुआ है। उसने यह भी दावा किया कि इस प्रस्तावित विनिमय के पीछे ‘कुछ रहस्य’ है।
भाषा
राजकुमार नरेश
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