कोलकाता, नौ अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के एक मृत कार्यकर्ता के परिजन से मिलने के लिए उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर जाते समय पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को जिस विरोध का सामना करना पड़ा, वह “जनता के भारी गुस्से” को दर्शाता है।
हलीशहर जाते समय प्रदर्शनकारियों ने ममता के वाहन को घेर लिया, “चोर-चोर” के नारे लगाए और उनकी कार पर कथित तौर पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके। वह तृणमूल कांग्रेस के उस कार्यकर्ता के परिजन से मिलने जा रही थीं, जिसकी कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।
शुभेंदु ने घटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया।
उन्होंने कहा, “आपने (ममता) इतनी चोरी की है कि आपको लोगों के मुंह से अपने लिए ‘चोर’ सुनना ही पड़ेगा।”
शुभेंदु ने सवाल किया कि ममता ने ‘अभया’ (आरजी कर दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़िता) की दूसरी बरसी पर उसके परिवार से मुलाकात क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा, “आप (ममता) आज अभया के घर जा सकती थीं। गले में तौलिया डालकर रत्ना देबनाथ के पास जा सकती थीं और माफी मांग सकती थीं-यह कहते हुए कि आपसे गलती हो गई। मुझे यकीन है कि वह आपको माफ कर देतीं।”
अभया की मां रत्ना देबनाथ हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा विधायक चुनी गई हैं।
भाषा पारुल नरेश
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