शांति अधिनियम ने भारत में वाणिज्यिक परमाणु उद्योग के लिए अनेक अवसर खोल दिए हैं : अमेरिकी प्रतिनिधि

शांति अधिनियम ने भारत में वाणिज्यिक परमाणु उद्योग के लिए अनेक अवसर खोल दिए हैं : अमेरिकी प्रतिनिधि

शांति अधिनियम ने भारत में वाणिज्यिक परमाणु उद्योग के लिए अनेक अवसर खोल दिए हैं : अमेरिकी प्रतिनिधि
Modified Date: May 20, 2026 / 04:32 pm IST
Published Date: May 20, 2026 4:32 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) भारत की यात्रा पर आए शीर्ष अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शांति अधिनियम, 2025 ने वाणिज्यिक परमाणु उद्योग के लिए साथ काम करने के अनेक अवसर खोल दिए हैं।

अमेरिकी वाणिज्यिक परमाणु उद्योग के लिए ‘लॉबी ग्रुप’ न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टीट्यूट (एनईआई) और अमेरिका भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के संयुक्त नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह भारत में है। इसमें परमाणु ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

एनईआई की अध्यक्ष और सीईओ मारिया कोर्सनिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम देश में परमाणु संयंत्र बनाने के लिए भारतीय वाणिज्यिक परमाणु क्षेत्र और सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘शांति अधिनियम ने हमें अमेरिकी उद्योग और भारतीय उद्योग के बीच संबंध स्थापित करने का अवसर प्रदान किया है।’’

सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की तथा स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में भारत-अमेरिका सहयोग के दायरे को बढ़ाने पर चर्चा की।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश


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