आसू- एजेवाईसीपी के प्रस्तावित दल का नाम होगा ‘असम जातीय परिषद’

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आसू- एजेवाईसीपी के प्रस्तावित दल का नाम होगा ‘असम जातीय परिषद’

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  • Publish Date - September 14, 2020 / 12:14 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

गुवाहाटी, 14 सितंबर (भाषा) असम के प्रभावशाली छात्र संगठनों-आसू और एजेवाईसीपी द्वारा गठित राजनीतिक संगठन का नाम ‘असम जातीय परिषद’ होगा ।

ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) और असम जातीयताबादी युवा छात्र परिषद (एजेडवाईसीपी) द्वारा गठित असम परामर्श समिति (एएसी) के संयोजकों ने सोमवार को इस बारे में घोषणा की ।

एएसी के दो संयोजकों में एक गौहाटी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. कृष्ण गोपाल भट्टाचार्य ने बताया, ‘‘रविवार को समिति की बैठक के दौरान तीन सुझाए गए नामों में से एक नाम का चयन किया गया।’’

उन्होंने कहा कि राज्य में हर एक परिवार से जुड़ाव स्थापित करने और महज चुनावी वोट तक सीमित नहीं रहने के मद्देनजर ‘घरे घरे आमी’ (हम हर घर में हैं) नए राजनीतिक संगठन का नारा होगा ।

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिये अगले साल की शुरुआत में चुनाव होना है ।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता जगदीश भुइयां को पार्टी का संयोजक बनाया गया है।

कमेटी के एक और संयोजक हांडिक गर्ल्स कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर बसंत डेका ने बताया कि मतदान केंद्र स्तर पर पार्टी को पहुंचाने का काम 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा ।

पार्टी का संविधान तैयार हो चुका है और नवंबर के पहले हफ्ते में इसकी प्रदेश स्तरीय समिति गठित की जाएगी।

डेका ने बताया कि ‘असम जातीय परिषद’ के प्रतीक चिन्ह और झंडे पर बाद में फैसला किया जाएगा ।

आसू और एजेवाईसीपी ने 12 सितंबर को भट्टाचार्य और डेका को एएसी का संयोजक बनाया था । उन्हें पार्टी के गठन और इसका खाका तैयार करने के संबंध में सभी फैसले लेने की जिम्मेदारी दी गयी।

भट्टाचार्य ने कहा कि नयी पार्टी का ध्यान पारदर्शी शासन प्रदान करने पर होगा और विभिन्न समुदायों के कल्याण के लिए यह काम करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी समान सोच वाले लोगों और संगठनों का स्वागत करेगी ।

भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल असम गण परिषद समेत विभिन्न दलों से कई लोगों ने नयी पार्टी में शामिल होने की इच्छा प्रकट की है ।

वर्ष 1985 में असम समझौते पर दस्तखत के साथ छह वर्ष चलने वाले असम आंदोलन के समापन के बाद आसू नेताओं ने असम गण परिषद का गठन किया था।

आसू के अध्यक्ष दीपांक कुमार नाथ ने 12 सितंबर को एजेवाईसीपी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि दोनों छात्र संगठन काम करते रहेंगे और किसी भी राजनीतिक दल के कामकाज में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे ।

भाषा आशीष नरेश

नरेश