नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक महिला द्वारा दायर उस याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा, जिसमें उसने अपने बेटे का पार्थिव शरीर दुबई से लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। महिला के बेटे की पिछले साल दिसंबर में दुबई में मृत्यु हो गई थी।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करके सुनवाई की तारीख 16 मार्च निर्धारित की।
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता के पति की मृत्यु हो चुकी है और उनका बेटा दुबई में एक श्रमिक के रूप में काम करने गया था। वकील ने कहा, ‘‘अब जो जानकारी मिल रही है, वह यह है कि उसकी मृत्यु हो गई है।’
उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता को दूतावास से इस संबंध में एक फोन आया था। पीठ ने सवाल किया, ‘‘क्या आप दुबई में किसी और को नहीं जानतीं जो पार्थिव शरीर ला सके?” इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, “नहीं।”
पीठ ने कहा, “मृत्यु कब हुई, इस बारे में आपने कोई जानकारी नहीं दी है। उनकी मृत्यु कैसे हुई? वहां क्या हुआ? आपने बस इतना बताया है कि चार फरवरी को एक फोन आया था और आपको इसकी जानकारी मिली।”
वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को चार फरवरी को एक फोन आया था और उनके बेटे की पिछले साल चार दिसंबर को मृत्यु होने की सूचना दी गई। पीठ ने सवाल किया “उनकी मृत्यु कैसे हुई?”
वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उन्हें और कोई जानकारी नहीं दी गई।
पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करके केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा।
याचिकाकर्ता ने याचिका में बेटे का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दिये जाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
भाषा अमित मनीषा
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