मुंबई। बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत में त्वरित-प्रतिक्रिया कोडित पाठ्यपुस्तक क्रांति लाकर महाराष्ट्र के शिक्षक ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टीचर पुरस्कार जीता है। इस पुरस्कार के साथ टीचर को 7 करोड़ धनराशि मिली है।
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बता दें कि इस पुरस्कार के लिए दुनिया के 140 देशों के 12 हजार से ज्यादा टीचर्स ने इस स्पर्धा में हिस्सा लिया था। अपने नवाचार के चलते महाराष्ट्र के सोलापुर जिला परिषद स्कूल के एक प्राइमरी टीचर रणजीत सिंह ने ग्लोबल टीचर पुरस्कार अपने नाम कर लिया। इस पुरस्कार के साथ रणजीत सिंह को 7 करोड़ रुपए देकर सम्मानित किया गया।
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शिक्षक रणजीत सिंह डिसले ने इनामी राशि में से 50 फीसदी राशि अंतिम दौर तक पहुंचने वाले 9 अन्य टीचर्स के साथ बांटने का ऐलान किया है। इससे हजारों छात्रों को स्कॉलरशिप के जरिये पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari congratulates Solapur ZP School teacher Ranjitsinh Disale on being selected for the Global Teacher Prize 2020: Governor House
— ANI (@ANI) December 3, 2020
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यूनेस्को और लंदन स्थित वार्की फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले ग्लोबल टीचर प्राइज की घोषणा गुरुवार 3 दिसंबर को हुई। लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में संपन्न हुए समारोह में सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता स्टीफन फ्राय इस पुरस्कार की घोषणा की। बता दें कि रणजीत सिंह के नवाचार से पहली बार किसी भारतीय को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ टीचर होने का सम्मान हासिल किया है।
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