तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर दीपम विवाद: स्टालिन ने सरकार के रुख का बचाव किया

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तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर दीपम विवाद: स्टालिन ने सरकार के रुख का बचाव किया

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 01:41 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 01:41 PM IST

चेन्नई, दो मार्च (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन विवाद पर राज्य सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा है कि व्यक्तिगत आस्था को राजनीति के आगे नहीं झुकना चाहिए।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को तिरुप्परनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद आई है।

स्टालिन ने एक मार्च को अपने 73वें जन्मदिन पर जारी एक वीडियो में कहा कि उनकी सरकार ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक पत्थर के स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने के विवाद पर अपने रुख का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने मंदिर की परंपरा की रक्षा करने का विकल्प चुना, न कि एक धार्मिक नेता के रूप में।

स्टालिन ने संदेश में कहा, ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि व्यक्तिगत आस्था को राजनीति के आगे नहीं झुकना चाहिए। तर्क और आस्था के बीच गतिरोध की आवश्यकता नहीं है, दोनों समाज के दो पहलू हैं।’

मंदिर में रविवार शाम को पूजा-अर्चना के करने के बाद प्रधानमंत्री ने मदुरै में राजग की एक रैली को संबोधित करते हुए द्रमुक सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर तिरुप्परनकुंद्रम दीपम प्रज्वलन मुद्दे पर लोगों की भावनाओं के प्रति ‘असंवेदनशीलता’ बरतने का आरोप लगाया और कहा कि अंततः श्रद्धालुओं की ही जीत होगी।

तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास स्थित ‘दीपथून’ (पत्थर के स्तंभ) पर दीप जलाने को लेकर हुए विवाद में मद्रास उच्च न्यायालय ने हिंदुओं को कार्तिगई दीपम महोत्सव के दौरान दीप जलाने की अनुमति दी थी।

हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने यह कहते हुए इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था कि इस कदम से दो समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।

द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने अपनी पार्टी द्वारा जारी संदेश में कहा, ‘हमारी मान्यताएं अलग हो सकती हैं लेकिन हम एक ही जमीं पर रहते हैं, एक ही भाषा बोलते हैं और एक ही भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। यही द्रविड़ आंदोलन की धड़कन है।’

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव