नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर अयोध्या में राम मंदिर को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते थे और राम जन्मभूमि आंदोलन का मज़ाक उड़ाते थे, वे अब मंदिर के मुद्दे पर चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं।
भाजपा ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस मामले को संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ संभाल रही है।
यह बयान उस वक्त आया जब समाजवादी पार्टी के सांसदों ने बृहस्पतिवार को संसद भवन परिसर में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में प्रदर्शन किया।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य एवं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी जिस तरह की राजनीति करने की कोशिश कर रही है, वह बेहद निंदनीय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल साफ है कि सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार इस मामले को पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ संभाल रही है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा और उसके सहयोगी भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन का मजाक उड़ाते हैं।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं, जो कहते थे कि अयोध्या का कोई इतिहास ही नहीं है। ये वही लोग हैं, जिन्होंने दावा किया था कि भगवान श्री राम का कभी अस्तित्व ही नहीं था। ये वही लोग हैं, जिन्होंने इस मुद्दे का मजाक उड़ाते हुए पूछा था कि क्या राजा दशरथ के इतने सारे महल थे और वे कहां स्थित थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं, जिन्होंने राम भक्त ‘कार सेवकों’ के खून से सरयू नदी को लाल कर दिया था।’’
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने अयोध्या का ‘अपमान’ किया, वे अब मंदिर के मुद्दे पर चिंता जताने का दावा कर रहे हैं; वे सनातन धर्म के खिलाफ काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने अयोध्या का अपमान किया, अयोध्या को बदनाम किया, अयोध्या को शर्मसार किया और सरयू को रक्त-रंजित किया, वे अब चिंता जताने का ढोंग कर रहे हैं।’’
त्रिवेदी ने आरोप लगाया, ‘‘ये वही लोग हैं, जिन्होंने रामचरितमानस की प्रतियां फाड़ीं और हिंदू धर्म को कोरोनावायरस, डेंगू, एचआईवी और न जाने क्या-क्या कहा।’’
राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जो लोग कार सेवकों की हत्या के समय चुप रहे, वे अब भक्त होने का दिखावा कर रहे हैं।
भाषा वैभव सुरेश
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