एफसीआरए विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर आइजोल में रैली, हजारों लोग शामिल

एफसीआरए विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर आइजोल में रैली, हजारों लोग शामिल

एफसीआरए विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर आइजोल में रैली, हजारों लोग शामिल
Modified Date: August 11, 2026 / 04:52 pm IST
Published Date: August 11, 2026 4:52 pm IST

आइजोल, 11 अगस्त (भाषा) मिजोरम की राजधानी आइजोल में अलग-अलग ईसाई समुदायों के हज़ारों लोगों ने प्रस्तावित ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम’ (एफसीआरए)संशोधन विधेयक के विरोध में मंगलवार को रैली निकाली।

यह रैली मिजोरम में हाल ही में गठित ‘काउंसिल ऑफ चर्चेज इन मिजोरम’ (सीसीएम) के आह्वान पर आयोजित की गई थी। यह नौ बड़े गिरिजाघरों का एक समूह है, जिसमें प्रेस्बिटेरियन चर्च ऑफ इंडिया और बैपटिस्ट चर्च ऑफ मिजोरम (बीसीएम) भी ​​शामिल हैं।

विरोध मार्च दो दिशाओं में, एक ज़ारकावट से और दूसरा सिकुलपुइकॉन से निकाला गया और इसमें शामिल लोग एक जनसभा के लिए वनापा हॉल के बाहर एकत्र हुए।

रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘‘हम एफसीआरए संशोधन विधेयक के मौजूदा स्वरूप में पारित होने का विरोध करते हैं’’ और ‘‘हम अपनी संपत्तियों की जबरन ज़ब्ती का विरोध करते हैं’’ जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में ईश्वरीय हस्तक्षेप के लिए सामूहिक प्रार्थना भी की।

रैली में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए सीसीएम के अध्यक्ष रेवरेंड डॉ. आर. लालबियाकलियाना ने दावा किया कि प्रस्तावित एफसीआरए विधेयक धार्मिक अल्पसंख्यकों, गिरिजाघरों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को कमजोर कर सकता है।

उन्होंने केंद्र और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस विधेयक पर पुनर्विचार करें और इसे इसके मौजूदा रूप में पारित करने से बचें।

इस रैली में मिज़ोरम विधानसभा में विपक्ष के नेता लालछंदामा राल्ते समेत कुछ विधायक और कई बुजुर्ग लोगों ने भी हिस्सा लिया।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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