(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, तीन मार्च (भाषा) केरल और उसके बाहर की हजारों महिलाओं ने मंगलवार को भीषण गर्मी के बावजूद यहां अट्टुकल भगवती मंदिर की मुख्य देवी को ‘पोंगल’ अर्पित किया और राज्य की राजधानी को एक विशाल ‘यज्ञशाला’ में बदल दिया।
शहर के मध्य में कई किलोमीटर तक सड़कों के किनारे, विभिन्न उम्र की महिलाएं कल रात से ही ईंट के अपने अस्थायी चूल्हे लेकर तैयार थीं। उन्होंने अपने सिर पर टोपी या सफेद शॉल ओढ़ रखी थी।
अनुष्ठान पूर्वाह्न लगभग पौने दस बजे शुरू हुए जब मुख्य पुजारी ने मंदिर के पास मुख्य चूल्हा (पंडारा अडुप्पू) प्रज्वलित किया, जो वार्षिक आयोजन की शुरुआत का संकेत था।
जैसे ही ढोल की थाप और संगीत से मंदिर के पास मुख्य चूल्हे को प्रज्वलित किये जाने का संकेत मिला, सड़कों के किनारे और अनुष्ठान के लिए विशेष रूप से निर्धारित क्षेत्रों में प्रतीक्षा कर रही महिलाओं ने अपने चूल्हे जलाए और ‘पोंगल’ तैयार करना शुरू कर दिया।
मिट्टी के नये या धातु के बर्तनों में चावल, गुड़ और घिसे हुए नारियल को पकाकर पोंगल तैयार किया जाता है।
दोपहर लगभग सवा दो बजे, पुरोहितों द्वारा प्रसाद को आशीर्वाद दिया गया, जिसके बाद भक्त अपने बर्तन और तैयार किए गए व्यंजन समेटकर अपने घरों को लौट गए।
सुबह, कांग्रेस के केरल मामलों की प्रभारी पार्टी महासचिव दीपा दासमुंशी ने भी इस अनुष्ठान में भाग लिया, जो उनके लिए पहली बार था।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी इस उत्सव में शामिल हुईं।
सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के मंत्री शिवनकुट्टी, जी आर अनिल और वी एन वासवन, कांग्रेस विधायक एम विंसेंट, पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन, भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर तथा तिरुवनंतपुरम नगर निगम के महापौर वी वी राजेश समेत कई राजनीतिक नेता समारोह देखने के लिए अट्टुकल भगवती मंदिर में उपस्थित थे।
भाषा
राजकुमार माधव
माधव