खालिस्तानी और गैंगस्टर के नाम पर जबरन वसूली की धमकी देने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार
खालिस्तानी और गैंगस्टर के नाम पर जबरन वसूली की धमकी देने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने खालिस्तानी और गैंगस्टर तत्वों के नाम पर जान से मारने की धमकी देकर रक्षा उपकरण निर्माता से 10 करोड़ रुपये ऐंठने की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी रविवार को एक अधिकारी ने दी।
आरोपियों की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी गुरपिंदर सिंह उर्फ प्रिंस (32) और शमशेर सिंह उर्फ सैम (35) तथा अमृतसर के रहने वाले जसवंत सिंह (59) के तौर पर की गई।
पुलिस ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से जबरन वसूली से जुड़े दो मामलों को सुलझाने में मदद मिली, जिनमें पंजाब का एक मामला भी शामिल है जिसमें शिकायतकर्ता साहिल लूथरा पर गोली चलाई गई थी।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यह मामला अक्टूबर 2025 में चाणक्यपुरी थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जो ‘विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ (वीटीडीएस) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक साहिल लूथरा की शिकायत पर दर्ज की गई थी।’’
पुलिस के अनुसार, लूथरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें अगस्त और सितंबर 2025 में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और खालिस्तानी तत्वों के नाम पर 10 करोड़ रुपये की मांग करने वाले और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने वाले संदेश मिले थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘इस साल चार जून को उन्हें कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से एक और धमकी भरा ‘वॉयस नोट’ मिला, जिसमें वही मांग दोहराई गई और फिर से धमकियां दी गईं।’’
पुलिस के अनुसार, 10 जून को जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई। एक टीम ने डिजिटल सबूतों का तकनीकी विश्लेषण किया और कई सेवा प्रदाताओं से जानकारी हासिल की, जिसके बाद आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान गुरपिंदर और शमशेर ने बताया कि उन्होंने जसवंत सिंह के कहने पर धमकी भरा ‘वॉयस नोट’ भेजा था; जो शिकायतकर्ता की कंपनी के पंजाब से जुड़े कामकाज की देखरेख कर रहा था।
पुलिस ने कहा, ‘‘जांच से पता चला कि फिरौती के लिए पूर्व में की गई कॉल और संदेश कथित तौर पर स्पेन से काम करने वाले मन्नी नाम के व्यक्ति ने जसवंत सिंह की मिलीभगत से किए थे।’’
आरोपियों ने कथित तौर पर खालिस्तानी और गैंगस्टर तत्वों का झूठा डर फैलाने की कहानी बनाई और आपस में मिलकर धमकी भरे संदेश भेजे। यह सब एक आपराधिक साजिश के तहत व्यवसायी से पैसे वसूलने के लिए किया गया।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल

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