पंजाब के छतबीर चिड़ियाघर में तीन मादा बाघ शावकों के नाम गरिमा, गुंजन और गज़ल रखे गए

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पंजाब के छतबीर चिड़ियाघर में तीन मादा बाघ शावकों के नाम गरिमा, गुंजन और गज़ल रखे गए

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 12:23 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 12:23 PM IST

चंडीगढ़, 20 फरवरी (भाषा) पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने मोहाली के निकट स्थित छतबीर चिड़ियाघर में तीन मादा बाघ शावकों का नाम ‘गरिमा’, ‘गुंजन’ और ‘ग़जल’ रखे जाने की जानकारी दी।

यहां बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बाघिन ‘गौरी’ ने पिछले वर्ष नवंबर में इन शावकों को जन्म दिया था। अब ये शावक बड़े बाड़े में स्थानांतरित किए जाने के लिए तैयार हैं।

इसके साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

कटारूचक ने बताया कि चिड़ियाघर अप्रैल माह में अपनी स्वर्ण जयंती पूरी करेगा और विभाग इस अवसर को भव्य रूप से मनाने पर विचार कर रहा है।

छतबीर चिड़ियाघर विशाल छतबीर क्षेत्र में स्थित है। 1977 में छतबीर संरक्षित वन क्षेत्र के हिस्से के रूप में स्थापित, यह भव्य चिड़ियाघर आधिकारिक तौर पर महेंद्र चौधरी प्राणी उद्यान के नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग इसे छतबीर चिड़ियाघर कहते हैं। कुल 202 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह चिड़ियाघर उत्तर-पश्चिमी भारत का सबसे बड़ा प्राणी उद्यान है, जिसमें 1,000 से अधिक प्रजातियों के जानवर और पक्षी हैं।

भाषा मनीषा अमित

अमित