कोलकाता, 23 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में दो महिलाओं सहित तीन वरिष्ठ माओवादियों ने बुधवार को पुलिस के सामने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तीनों लगभग दो दशकों से माओवादी गतिविधियों से जुड़े हुए थे और कथित तौर पर हिंसा की लगभग 80 घटनाओं में शामिल थे।
उनका यह आत्मसमर्पण शीर्ष माओवादी नेताओं- आकाश उर्फ असीम मंडल और मदन- की गिरफ्तारी तथा एक अन्य नेता विक्रम के आत्मसमर्पण करने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन सदस्यों- जबा महतो उर्फ बुलू, नयनतारा साहू उर्फ मीता और रामप्रसाद मांडी उर्फ सचिन- ने पश्चिम बंगाल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-पश्चिमी क्षेत्र) आनंद कुमार और बांकुरा के पुलिस अधीक्षक पी. वी. जी. सतीश की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस ने बताया कि जबा और नयनतारा संगठन की जोनल कमेटी की सदस्य थीं, जबकि रामप्रसाद संगठन की उस क्षेत्रीय समिति का सदस्य था, जो पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय थी।
जबा झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी की रहने वाली है, जबकि नयनतारा पूर्व मेदिनीपुर के सोना चूड़ा की रहने वाली है। वहीं, रामप्रसाद झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले का रहने वाला है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘तीनों नक्सलियों द्वारा सौंपे गए हथियार पहले पुलिस से ही लूटे गए थे।’
उन्होंने बताया कि तीनों पश्चिम बंगाल के बांकुरा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय थे।
भाषा सुमित सुरेश
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