गर्भवती साथी की देखभाल के लिए तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत

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गर्भवती साथी की देखभाल के लिए तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत

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  • Publish Date - June 10, 2022 / 06:19 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:32 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार एक शख्स को उसकी गर्भवती लिव-इन साथी की देखभाल के लिए तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की है। गर्भवती महिला भी मामले में सह-आरोपी है।

न्यायमूर्ति पूनम ए बांबा ने आवेदक को 30,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि पर राहत प्रदान की। अदालत ने इस बारे में विचार किया कि महिला के बुजुर्ग दादा-दादी के अलावा उसकी देखभाल के लिए कोई नहीं है।

अदालत ने तीन जून के आदेश में कहा, ‘‘उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर आरोपी की तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत स्वीकार की जाती है जो उसकी रिहाई की तारीख से मानी जाएगी।’’

आरोपी व्यक्ति और उसकी गर्भवती लिव-इन साथी के खिलाफ रॉ और आईबी जैसी खुफिया एजेंसियों के फर्जी और जाली पहचान पत्र रखने के मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अनेक अपराध के प्रकरण दर्ज किये गये हैं।

व्यक्ति ने आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत इस आधार पर मांगी थी कि वह सह-आरोपी महिला के साथ लिव-इन में रहता है और महिला गर्भवती है तथा उसके असम से आये 95 साल के दादा-दादी किसी जटिल स्थिति में उसकी देखभाल नहीं कर सकेंगे।

भाषा वैभव नरेश

नरेश