बिजली केबल चोरी करने के शक में तीन युवकों की पिटाई, एक की मौत
बिजली केबल चोरी करने के शक में तीन युवकों की पिटाई, एक की मौत
जयपुर, दो सितंबर (भाषा) राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बिजली केबल चोरी करने के शक में तीन युवकों की बेरहमी से पिटाई किये जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी और कहा कि पिटाई से एक 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना टिब्बी थाना क्षेत्र की है।
थानाधिकारी राकेश सांखला ने बताया कि मृतक की पहचान हनुमानगढ़ जिले के गांव पांच एनजीआर रोही नगराना निवासी महेंद्र के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि वह मंगलवार रात अपने भाई दीपक कुमार और दोस्त सुखचैन उर्फ चेनी के साथ मोटरसाइकिल से फतेहपुर गया था।
उन्होंने बताया, तीनों वापस लौट रहे थे तभी मल्लड़खेड़ा गांव के पास उनकी मोटरसाइकिल में खराबी आ गई और वे उसे ठीक कराने के लिए रुक गए।
सांखला ने बताया कि करीब रात 11 बजे तीनों जब एक किन्नू के बाग के पास पहुंचे तो मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया। उसने अपना नाम बशीर गांव (ढाणी) का निवासी महेंद्र नायक बताया।
आरोप है कि उसने सतीश कुमार नामक एक अन्य व्यक्ति को मौके पर बुला लिया। सांखला ने बताया कि प्राथमिकी के अनुसार, इसके बाद पांच-छह अन्य लोग दो कारों में वहां पहुंचे और तीनों युवकों पर बिजली केबल चोरी करने का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि हमलावरों ने तीनों युवकों को जबरन एक कार में बैठाया और नहर की पुलिया के पास ले गए, जहां उनके साथ मारपीट जारी रही।
शिकायत के अनुसार, आसपास के गांवों के लोग वहां जुटने लगे और देखते ही देखते मौके पर करीब 20-25 लोग जमा हो गए। इसके बावजूद तीनों युवकों की कथित तौर पर पिटाई जारी रही।
दीपक ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान महेंद्र के पेट में गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई।
प्राथमिकी में राहुल, रमेश और राजेंद्र कुमार समेत 15-20 अन्य लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।
दीपक ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान आरोपी एक-दूसरे को नाम से बुला रहे थे, इसी वजह से उसे कुछ आरोपियों के नाम पता चले।
महेंद्र की मौत के बाद आरोपियों ने कथित रूप से दीपक और सुखचैन को मोटरसाइकिल से गांव की ओर भेज दिया। इसके बाद दीपक ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
पुलिस ने दोनों घायल युवकों को टिब्बी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जबकि महेंद्र के शव को अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच संगरिया के वृत्ताधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान महेंद्र की मौत की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा।
भाषा बाकोलिया राजकुमार संतोष
संतोष

Facebook


