महिला के पेट में औजार मिला : अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज ने संभावित सर्जिकल चूक की बात स्वीकार की

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महिला के पेट में औजार मिला : अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज ने संभावित सर्जिकल चूक की बात स्वीकार की

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 01:23 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 01:23 PM IST

अलप्पुझा (केरल), 20 फरवरी (भाषा) अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में प्राधिकारियों ने शुक्रवार को उस मामले में संभावित शल्य त्रुटि की बात स्वीकार की, जिसमें वर्ष 2021 में यहां सर्जरी करा चुकी एक महिला के पेट में ‘आर्टरी फोर्सेप्स’ छोड़ दिए गया था।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बी. पद्मकुमार, अधीक्षक डॉ. हरिकुमार और उप अधीक्षक डॉ. थॉमस कोशी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुन्नप्रा की निवासी ऊषा जोसेफ की 12 मई, 2021 को कोविड काल के दौरान गर्भाशय में बने ‘फाइब्रॉइड’ हटाने के लिए सर्जरी की गयी थी।

चिकित्सकों ने बताया कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि 15 मई, 2021 को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ऊषा ने चिकित्सकों से परामर्श नहीं लिया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के बाहर एक ‘यूरोलॉजिस्ट’ (मूत्र रोग विशेषज्ञ) से परामर्श करने के बाद उन्हें ‘आर्टरी फोरसेप्स’ के बारे में पता चला और बृहस्पतिवार को वह अस्पताल लौट आईं, जहां उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई और भर्ती करने के लिए कहा गया।

चिकित्सकों ने बताया कि ऊषा ने कहा था कि वह बाद में लौट आएंगी, लेकिन फिलहाल उन्हें कोच्चि के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पद्मकुमार ने बताया, “चार सदस्यीय चिकित्सा दल का गठन किया गया और जांच की गई, जिसके आधार पर मामले की रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

हरिकुमार ने कहा कि ‘केस शीट’ (मामले के रिकार्ड) के अनुसार, सहायक प्रोफेसर डॉ. शाहिदा ने यह सर्जरी की थी, जो अभी भी सरकारी सेवा में हैं लेकिन वर्तमान में अलप्पुझा सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात नहीं हैं।

पद्मकुमार ने कहा, “सर्जरी के दौरान प्रभारी नर्स ने प्रक्रिया से पहले और बाद में औजारों की जांच की थी। यह केस शीट में नर्स के नोट्स में दर्ज है।”

भाषा

राखी मनीषा

मनीषा