शीर्ष अदालत ने बंगाल सरकार, निर्वाचन आयोग को एसआईआर में न्यायाधीशों की सहायता करने को कहा

शीर्ष अदालत ने बंगाल सरकार, निर्वाचन आयोग को एसआईआर में न्यायाधीशों की सहायता करने को कहा

शीर्ष अदालत ने बंगाल सरकार, निर्वाचन आयोग को एसआईआर में न्यायाधीशों की सहायता करने को कहा
Modified Date: March 10, 2026 / 02:57 pm IST
Published Date: March 10, 2026 2:57 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में न्यायिक अधिकारियों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने अब तक मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के 10.16 लाख आपत्तियों और दावों पर सुनवाई की है।

पीठ ने निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी के बिना कोई भी ऐसा अनिवार्य कदम न उठाया जाए, जिससे एसआईआर प्रक्रिया बाधित हो।

पीठ ने कहा कि आयोग के पोर्टल में तकनीकी व्यवधानों की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी कोई बाधा न उत्पन्न हो।

पीठ ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के लिए नये ‘लॉगिन आईडी’ शीघ्र बनाए जाएं, ताकि मतदाता सूचियों में संशोधन की प्रक्रिया सुचारू रूप से सुनिश्चित हो सके।

इसने यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों की समीक्षा निर्वाचन आयोग के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नहीं की जा सकती।

शीर्ष अदालत ने कहा कि (कोलकाता) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अपीलों पर सुनवाई के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की पीठ गठित कर सकते हैं तथा निर्वाचन आयोग को एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों के फैसलों के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई के लिए एक अपीलीय निकाय गठित करने के लिए अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।

पीठ राज्य में जारी एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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