कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद परिवहन संघों ने बस हड़ताल वापस ली

कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद परिवहन संघों ने बस हड़ताल वापस ली

कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद परिवहन संघों ने बस हड़ताल वापस ली
Modified Date: May 19, 2026 / 08:19 pm IST
Published Date: May 19, 2026 8:19 pm IST

बेंगलुरु, 19 मई (भाषा) सार्वजनिक बस सेवाओं को बाधित नहीं करने और अपनी मांगों को सरकार के साथ चर्चा के माध्यम से सुलझाने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद मंगलवार को राज्य के परिवहन संघों ने 20 मई की प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल वापस ले ली।

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जनता को होने वाली असुविधा का हवाला देते हुए संघों को आंदोलन न करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया।

यूनियन नेताओं ने हालांकि सरकार पर वेतन संशोधन के संबंध में एकतरफा निर्णय लेने और आदेश जारी करने से पहले कर्मचारियों के साथ परामर्श करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

संयोजक जयदेवराजे उर्स ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, ‘उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, हमने हड़ताल वापस ले ली है। हम उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं और इसका पालन करेंगे। हमने हड़ताल के बारे में सरकार को पहले ही सूचित कर दिया था। कल सरकारी बस सेवाएं बंद नहीं रहेंगी।’

अदालत ने निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में हड़ताल नहीं की जानी चाहिए और संघों को सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से अपनी शिकायतों को दूर करने की सलाह दी।

अदालत के आदेश के बाद, परिवहन कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को होने वाली हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।

कर्मचारियों के संघों की मांग है कि वेतन वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक हो और संशोधित वेतन एक जनवरी, 2024 से लागू किया जाए।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश


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