TMC Rebel MLAs Cyber Complaint : बगावत के बाद TMC पर बरसे विधायक! पार्टी के खातों से लेकर स्पेशल फ्लाइट्स के खर्च तक पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों ने पार्टी से जुड़े बैंक खातों में जमा करीब 600 करोड़ रुपये की रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए पुलिस से विस्तृत जांच की मांग की है। शिकायत में ‘कट-मनी’, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों की जांच की मांग की गई है।
TMC Rebel MLAs Cyber Complaint / Image Source : FILE
- TMC के खातों में जमा करीब 600 करोड़ रुपये पर विवाद।
- बागी विधायकों ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
- रकम के स्रोत और लेन-देन की जांच की मांग।
कोलकाता :TMC Rebel MLAs Cyber Complaint : तृणमूल कांग्रेस के कई बागी विधायकों ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय में स्थित साइबर अपराध थाने में तहरीर दी और प्राथमिकी दर्ज करके पार्टी से जुड़े कुछ खातों की विस्तृत जांच की मांग की।इसी के साथ पार्टी के विभिन्न खातों में जमा राशि के विवाद में नया मोड़ आ गया है, जिनमें कथित तौर पर करीब 600 करोड़ रुपये जमा हैं।विधायकों ने खातों में जमा राशि के स्रोत और उसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरूप बिस्वास ने खातों के नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर चिंता जताते हुए उनपर रोक लगाने की मांग की थी।नयी शिकायतों से इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है क्योंकि इन शिकायतों में, जमा राशि के स्रोत और खातों के ज़रिए किए गए लेन-देन की आपराधिक जांच की मांग की गई है।
विधायकों ने की तीन बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की मांग
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक विधायकों ने तीन बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाना ज़रूरी है कि इन खातों में पैसा कानूनी तरीके से आया था या ‘कट-मनी’ (कमीशन) वसूलने, सरकारी कोष के गबन और घोटालों से अर्जित रकम के तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों से।एक शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘विश्वसनीय सूत्रों और से जानकारी मिली है कि गैर-कानूनी गतिविधियों – जैसे कि प्रभाव का गलत इस्तेमाल, बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन और अवैध रूप से पैसे इकट्ठा करने आदि से प्राप्त राशि शायद इन बैंक खातों में जमा कराई गई है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से यह वाजिब आशंका पैदा होती है कि ऐसी रकम के अंतरण और उसे छिपाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणाली, डिजिटल मंच और ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया गया होगा।’’विधायकों ने पुलिस से आग्रह किया कि वह प्राथमिकी दर्ज करके खातों में मौजूद राशि के स्रोत, लेन-देन और भुगतान की विस्तृत जांच करे, साथ ही बैंकिंग,केवाईसी और इलेक्ट्रॉनिक अंतरण के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखे।
‘दस या उससे ज़्यादा विधायकों ने पुलिस से की जांच करने की मांग की
बागी तृणमूल विधायक और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी ने कहा, ”दस या उससे ज़्यादा विधायकों ने पुलिस से इन खातों की जांच करने की मांग की है, क्योंकि हमें शक है कि इनमें जमा पैसा जबरन वसूली, ‘कट-मनी’ और भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है। सरकारी कोष का गबन हुआ है या नहीं, यह बात सिर्फ जांच एजेंसियां ही पता लगा सकती हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें खास तौर पर इस बात की चिंता है कि खाते में जमा धन का इस्तेमाल दिल्ली और कोलकाता के बीच विशेष उड़ानों की व्यवस्था के लिए किया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन खातों से लेन-देन पर रोक लगाई जानी चाहिए।’’
नहीं लिया पार्टी के उन नेताओं का नाम
बनर्जी ने हालांकि पार्टी के उन नेताओं का नाम नहीं लिया जिनकी ओर वह इशारा कर रहे थे। लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की ओर था, जिनके लिए हाल ही में दिल्ली आने-जाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई थी।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधायकों का मकसद पारदर्शिता सुनिश्चित करना और यह पता लगाना है कि खातों में जमा पैसा कानूनी तरीके से इकट्ठा और इस्तेमाल किया गया है या नहीं।एक अन्य विधायक ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘हमें इन खातों या उनमें जमा रकम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसीलिए हमने पुलिस से संपर्क किया है और जांच की मांग की है।’’विधायकों ने अपनी शिकायतों में कहा कि इन खातों की जांच ज़रूरी है, क्योंकि इनके ज़रिए किए गए लेन-देन में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग अंतरण शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच जांच एजेंसियों को करनी चाहिए।
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