तृणमूल ने हुगली में अपने पंचायत सदस्य का शव मिलने का दावा किया, भाजपा का संलिप्तता से इनकार

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तृणमूल ने हुगली में अपने पंचायत सदस्य का शव मिलने का दावा किया, भाजपा का संलिप्तता से इनकार

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 02:08 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 02:08 PM IST

कोलकाता, 10 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में रविवार को एक व्यक्ति का शव मिला, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि वह उसकी पार्टी का पंचायत सदस्य था और आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव बाद हिंसा में मारे गए उसके कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़कर छह हो गई है।

तृणमूल ने खून से लथपथ शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया कि मृतक की पहचान साहदेब बाग के रूप में हुई है, जो नोकुंडा ग्राम पंचायत के गोगहाट-1 मंडल का सदस्य था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बाग का शव रविवार सुबह खेत में पड़ा मिला। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसकी किसी से निजी दुश्मनी थी या परियोजनाओं के ठेके को लेकर कोई कारोबारी प्रतिद्वंद्विता थी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘परिवार की शिकायत के आधार पर हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें राजनीतिक कारण भी शामिल हैं।’’

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गोगहाट इकाई ने कहा कि उसके किसी कार्यकर्ता का इस घटना से संबंध नहीं है और बाग की हत्या या तो निजी दुश्मनी के कारण हुई है या फिर उसकी अपनी प्रतिद्वंद्वी पार्टी गुट ने की है।

तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक अलग सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि पूर्वी मेदिनीपुर के खेजुरी में ‘‘भाजपा समर्थित उपद्रवियों’’ ने 60 से अधिक दुकानों में आग लगा दी। उन्होंने इस घटना को ‘‘बर्बर’’ करार दिया।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दमकल कर्मियों ने शनिवार रात लगी आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा, ‘‘हम मामले की जांच कर रहे हैं।’’

तृणमूल ने दावा किया कि अब तक उसके छह कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

हालांकि, पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन छह मौतों में से केवल तीन आबिर शेख और दो भाजपा कार्यकर्ताओं मधु मंडल तथा जादव कर की मौत चुनाव बाद हिंसा से जुड़ी पाई गई हैं। बाकी मौतों की पुष्टि चुनाव बाद हत्या के रूप में नहीं हुई है।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने खेजुरी में तृणमूल कार्यकर्ताओं की दुकानों और संपत्तियों में आगजनी की। यह इलाका पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की विधानसभा सीट के करीब स्थित है।

तस्वीरें साझा करते हुए बनर्जी ने लिखा, ‘‘क्या ‘भय’ को खत्म करने की आपकी योजना बंगाल को जलाकर पूरी होगी?’’

हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ इन तस्वीरों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

उन्होंने भाजपा के चुनावी नारे ‘भय नहीं, भरोसा’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘खेजुरी के निचकासबा जीपी, हिजली शरीफ में जो हुआ, वह किसी बर्बरता से कम नहीं है।’’

बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने 60 से अधिक दुकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे रातोंरात निर्दोष लोगों की आजीविका तबाह हो गई। हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों की दुकानों को नहीं बख्शा गया।’’

डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी ने दावा किया, ‘‘यह किसी एक समुदाय पर हमला नहीं था, बल्कि बंगाल की सामाजिक सद्भावना, लोकतांत्रिक ढांचे और शांति से जीने की चाहत रखने वाले आम नागरिकों पर सुनियोजित हमला था।’’

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल