नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए उसपर पड़ोसी राज्यों में राज्य के आलू किसानों की बाजार पहुंच को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया।
प्रधान ने राज्य में एक चुनावी जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार के ‘‘अहंकार’’ के कारण, पश्चिम बंगाल में आलू किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक पहुंच को प्रतिबंधित करके उनकी आजीविका को नुकसान पहुंचाया है।
प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के ओंडा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने आलू किसानों के ‘‘वास्तविक दर्द’’ को उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों के बाजार उनके लिए प्रभावी रूप से बंद हो गए हैं, जिससे उनकी कमाई प्रभावित हुई है।
प्रधान ने कहा कि यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस सरकार के किसान विरोधी रवैये को दर्शाती है, जहां बिचौलिए फल-फूल रहे हैं, जबकि आलू किसान खेतों में अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद लगातार नुकसान का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान किसानों के कल्याण से हटकर ‘सिंडिकेट’ नेटवर्क को बनाए रखने की ओर है, जिसकी वजह से आलू जैसी प्रमुख फसलों के लिए कम कीमत मिल रही है।
प्रधान ने शाह द्वारा दिए गए आश्वासनों को भी दोहराया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल में सरकार बनती है, तो राज्य के आलू ओडिशा और झारखंड सहित पूरे देश के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार आलू किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करेगी और उनकी गरिमा को बहाल करेगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के बाद किसानों को उनका उचित हक मिलेगा।
भाषा धीरज दिलीप
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