(तस्वीर के साथ)
कोलकाता, पांच अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी उन वास्तविक मतदाताओं को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है, जिनके नाम चुनाव वाले पश्चिम बंगाल की पूरक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, ताकि उनके मताधिकार को सुनिश्चित किया जा सके।
दक्षिण 24 परगना जिले के सतगछिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार गठन का फैसला जनता करती है, लेकिन भाजपा और निर्वाचन आयोग ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जहां ‘‘सरकार यह तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति दी जाएगी।’’
तृणमूल महासचिव बनर्जी ने कहा कि राज्य में एसआईआर के बाद मतदाता सूची और पूरक सूचियों में जिनके नाम नहीं हैं, वे अपने विवरण और दस्तावेजों को पार्टी पदाधिकारियों को जमा कर सकते हैं, ताकि आधी रात तक निर्वाचन आयोग को ऑनलाइन आवेदन किया जा सके।
जब रैली में आए एक व्यक्ति ने बनर्जी से कहा कि उसका नाम दर्ज नहीं है, तो उन्होंने उससे कहा, ‘‘हमारा शिविर यहीं है। आप सभी विवरण हमारे प्रतिनिधियों को सौंप दें। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूट न जाए।’’
उन्होंने कहा कि तृणमूल संविधान के मूलभूत सिद्धांतों में विश्वास करती है कि पिछले चुनावों में मतदान कर चुके देश के हर वास्तविक नागरिक के लिए मतदाता सूची तैयार करने में कोई हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई का विभाजन नहीं होना चाहिए।
बनर्जी ने कहा कि भाजपा चाहे निर्वाचन आयोग के माध्यम से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराए या मनगढ़ंत आरोपों पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए, ‘चुनाव परिणाम वही होगा।’
उन्होंने दोहराया कि ममता बनर्जी देश की एकमात्र मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अदालत में उन लोगों का प्रतिनिधित्व किया, जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे।
भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 2019-21 में, “(प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी ने डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र का बार-बार दौरा किया और मुझे झूठे आरोपों में जेल में डालने की धमकी दी। उन्होंने यहां हमारे पार्टी कार्यालय को बंद करने की भी धमकी दी थी। उसके बाद क्या हुआ? भाजपा को जनता ने नकार दिया।”
उन्होंने मोदी को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र के कामकाज पर रिपोर्ट जारी करने की चुनौती दी।
इससे पहले, अभिषेक बनर्जी ने पूर्व बर्धमान जिले के रैना में एक चुनावी रैली में नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को बार-बार सत्ता में पहुंचाने पर पश्चिम बंगाल के लोगों को भूखा मार देने के लिए उसने पिछले पांच वर्षों से राज्य का बकाया रोक रखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र ने राज्य की परियोजनाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि जारी नहीं की है।
तृणमूल महासचिव ने श्रोताओं से रूबरू होते हुए कहा, ‘‘ तृणमूल कांग्रेस आपके चेहरे पर मुस्कान देखना चाहती है, जबकि मोदी आपकी आंखों में आंसू देखना चाहते हैं क्योंकि आपने लगातार चुनावों में भाजपा को नकार दिया है। आपको भूखा मारने की इस साजिश को लेकर आप बंगाल विरोधी पार्टी को मुंहतोड़ जवाब दें।’’
दक्षिण 24 परगना जिले के गोसाबा में एक अन्य सभा में, बनर्जी ने ‘‘तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश करने वालों और हमारे विरोधियों के साथ रात में गुप्त बैठकें करने वालों को चार मई को परिणामों की घोषणा के बाद होने वाले परिणामों के लिए तैयार रहने’’ की चुनौती दी।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे। मतों की गिनती चार मई को होगी।
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप