एफसीआरए संशोधन ईसाई संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों पर हमला है: खरगे

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एफसीआरए संशोधन ईसाई संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों पर हमला है: खरगे

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 10:37 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 10:37 PM IST

इडुक्की (केरल), पांच अप्रैल (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ईसाई संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और सार्वजनिक एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक समाज पर हमला करने के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) में संशोधन करना चाहते हैं।

खरगे ने इडुक्की विधानसभा क्षेत्र में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की एक जनसभा में कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मोदी की असली मंशा को उजागर करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह कोई सुधार नहीं। यह ना केवल ईसाई संस्थाओं, बल्कि नागरिक समाज, एनजीओ और गरीब संस्थाओं पर हमला है, जिन्हें गरीबों के जीवन में सुधार के लिए कोष मिल रहा है।’’

उन्होंने कहा कि जिस तरह वक्फ अधिनियम में संशोधन ने मुसलमानों में भय पैदा किया, उसी तरह एफसीआरए में प्रस्तावित बदलावों ने ईसाई समुदाय को आशंकित कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह शासन नहीं है, यह समाज को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना है,’ और आश्वासन दिया कि भाजपा और मोदी द्वारा किए जाने वाले किसी भी अन्याय के खिलाफ कांग्रेस एक दीवार की तरह खड़ी रहेगी।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा 25 मार्च को लोकसभा में पेश किए गए एफसीआरए संशोधन विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के विरुद्ध उनके दुरुपयोग को रोकना है।

खरगे ने अपने भाषण में कहा कि केरल में बदलाव की हवा चल रही है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ चुनाव के बाद निश्चित रूप से सरकार बनाएगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाएगी, क्योंकि केरल के लोग भाजपा के ‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी मंसूबों’ को भली-भांति समझते हैं और शिक्षित हैं।

खरगे ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर भी जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में राज्य का कर्ज 2016 के 1.57 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 6 लाख करोड़ रुपये हो गया है, बेरोजगारी दर 30 प्रतिशत तक पहुंच गई – जो राष्ट्रीय औसत से तीन गुना और भारत में सबसे अधिक है, भ्रष्टाचार बढ़ गया और शबरिमला मंदिर से सोना चोरी हो गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सब सरकार की विफलता का संकेत है।’’

उन्होंने कहा कि किसान, मछुआरे, छोटे व्यापारी और कई अन्य लोग उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, कल्याणकारी योजनाएं या तो विलंबित हैं या खराब तरीके से लागू की गई हैं और बढ़ते कर्ज, बिना दूरदर्शिता वाला शासन और घटते अवसरों ने राज्य को अनिश्चितता और निराशा की ओर धकेल दिया है।

क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों का सामना कर रहे हजारों परिवारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से जिस जमीन पर वे रहते आए हैं, उसका मालिकाना हक अभी तक उनके पास नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस कानूनों को सरल बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि हर जरूरतमंद परिवार को उसका ‘पट्टयम’ (जमीन का मालिकाना हक) मिले।

उन्होंने हाथियों और जंगली सूअरों के हमलों के डर से पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को ‘उचित सुरक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया और पर्याप्त मुआवजा’ देने का भी आश्वासन दिया।

खरगे ने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में अस्पतालों का उन्नयन किया जाएगा और पर्यटन को इस तरह विकसित किया जाएगा जिससे आम जनता को लाभ हो।

उन्होंने कहा, ‘बदलाव आ रहा है। आप तैयार रहें और अगर आप सभी समर्थन करेंगे, तो निश्चित रूप से कांग्रेस सत्ता में आएगी… इस बार 100 प्रतिशत।’

उन्होंने कहा, ‘आज, इडुक्की में स्थानीय निकाय चुनावों में हमारी शानदार जीत के बाद, यह स्पष्ट है कि लोग यूडीएफ की ओर आ रहे हैं।’

उन्होंने लोगों से कांग्रेस और यूडीएफ का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि लोकतंत्र मजबूत हो और ऐसी सरकार बने जो महिलाओं, युवाओं, दलितों और समाज के पिछड़े वर्गों सहित आम जनता के लिए काम करे।

उन्होंने कहा, ‘आइए हम सब मिलकर केरल को देश का एक समृद्ध, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील राज्य बनाएं।’

भाषा अमित नरेश

नरेश