तृणमूल कार्यकर्ता की कथित हिरासत में की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, शुभेंदु मिले परिजनों से

तृणमूल कार्यकर्ता की कथित हिरासत में की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, शुभेंदु मिले परिजनों से

तृणमूल कार्यकर्ता की कथित हिरासत में की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, शुभेंदु मिले परिजनों से
Modified Date: August 10, 2026 / 01:02 pm IST
Published Date: August 10, 2026 1:02 pm IST

कोलकाता, 10 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले में पुलिस हिरासत में कथित रूप से जान गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की और कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की। अधिकारी के साथ भाजपा विधायक अर्जुन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद थे।

एक दिन पहले ही, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हलिसहर में दिवंगत तृणमूल कार्यकर्ता के घर जाने के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था। भीड़ ने उनके वाहन को घेर लिया था, उनके खिलाफ ‘‘चोर’’ के नारे लगाए थे और काफिले पर कीचड़ व चप्पलें फेंकी थी।

मृतक की पहचान बिरजू केओट के रूप में हुई है, जो कांचरापाड़ा नगर पालिका की पूर्व पार्षद जेनी शर्मा केओट के पति थे। बिरजू को जबरन वसूली और अन्य आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। शनिवार को उसकी मौत की खबर सामने आई।

मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत में केओट की पिटाई की गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई। पुलिस की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

मृतक के परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि हलिसहर थाने के प्रभारी निरीक्षक को ‘‘हटा दिया गया’’ है और केओट की मौत की जांच कर रहे अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की पेशकश की गई है।

ममता बनर्जी ने अपने काफिले पर कथित हमले में भाजपा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता का आरोप लगाया था। अधिकारी ने भाजपा की किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए कहा था कि यह प्रदर्शन उनके खिलाफ ‘‘जनता के गुस्से’’ को दर्शाता है।

उन्होंने दावा किया था कि चूंकि पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘‘इतनी चोरी की है’’ कि उन्हें लोग ‘‘चोर’’ कहेंगे।

भाषा मनीषा रंजन

रंजन


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