टीवीके नेता ने अभिनेता रजनीकांत से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी

टीवीके नेता ने अभिनेता रजनीकांत से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी

टीवीके नेता ने अभिनेता रजनीकांत से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी
Modified Date: March 18, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: March 18, 2026 4:53 pm IST

चेन्नई, 18 मार्च (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के महासचिव आधव अर्जुन ने अभिनेता रजनीकांत के राजनीति में प्रवेश को लेकर अपनी पिछली टिप्पणी के लिए उनसे माफी मांगी।

टीवीके महासचिव ने कहा कि उनका इरादा रजनीकांत को नीचा दिखाने का नहीं था।

रजनीकांत की ओर से हुई आलोचना के बाद अर्जुन ने मंगलवार रात यहां अपनी पार्टी की एक बैठक में माफी मांगी और कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया था।

अर्जुन ने कोलाथुर में पार्टी की बैठक में कहा, ‘‘मेरा मकसद रजनीकांत को नीचा दिखाना नहीं था, जो मेरे नेता (अभिनेता-राजनेता विजय) के भी नेता हैं। मैंने तो बस इतना कहा था कि यह द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की साजिश है। मुझे लगता है कि उन्होंने मेरी बात को गलत समझा।’’

अर्जुन ने कहा, ‘‘मेरे कहने का मतलब यह नहीं था कि रजनीकांत डरे हुए थे। मुझे लगता है कि मेरे बयान से उन्हें ठेस पहुंची होगी… मेरा इरादा कुछ और था। अगर मेरी बात को गलत समझा गया है, तो मैं खुले तौर पर खेद व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं।’’

उन्होंने कहा कि रजनीकांत से काफी छोटा होने के कारण, उन्हें अपनी युवावस्था में चुनाव संबंधी काम करने का अवसर मिला, और एक सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि राजनीतिक करियर की शुरुआत की घोषणा के तुरंत बाद रजनीकांत के पक्ष में 18 प्रतिशत वोट दिखने लगे थे।

अर्जुन ने दावा किया कि यह एक असाधारण घटना थी और इसने रजनीकांत के विरोधियों में भय पैदा कर दिया।

रजनीकांत ने 17 मार्च को अर्जुन के इस आरोप का जवाब देते हुए इसे ‘असत्य’ बताया कि जब उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का प्रयास किया तो द्रमुक ने उन्हें धमकी दी थी।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए अपने बयान में कहा, ‘‘समय बोलता नहीं, बल्कि प्रतीक्षा करता है और जवाब देता है।’’

अपने संक्षिप्त बयान में रजनीकांत ने उन सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, मंत्रियों, शुभचिंतकों और प्रशंसकों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस विवाद में उनका साथ दिया।

रजनीकांत पर अर्जुन की टिप्पणी के परिणामस्वरूप शीर्ष अभिनेता के प्रशंसकों, अन्नाद्रमुक प्रमुख ई. पलानीस्वामी, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, राज्य मंत्री एस रघुपति, भाजपा प्रदेश प्रमुख नैनार नागेंद्रन और रजनीकांत के पूर्व सलाहकार रा. अर्जुनमूर्ति की कड़ी प्रतिक्रिया आई।

राज्य सरकार के खिलाफ 12 मार्च को विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए अर्जुन ने आरोप लगाया कि ‘रजनीकांत ने जब राजनीति में आने की कोशिश की तो द्रमुक ने उन्हें धमकाया।’

उन्होंने कहा कि वह रजनीकांत की आलोचना नहीं कर रहे थे, बल्कि यह बताना चाहते थे कि टीवीके के संस्थापक विजय में इस तरह के दबाव का सामना करने का साहस था।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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