जयपुर, आठ सितंबर (भाषा) राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने एक सहकारी समिति से जुड़े करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में वांछित दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
महानिरीक्षक (एटीएस) विकास कुमार ने सोमवार को बताया कि ये आरोपी 2017 से फरार थे और जालोर पुलिस ने उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कुमार के मुताबिक बाड़मेर जिले के मूल निवासी आरोपी शैलेंद्र सिंह और ऋषिराज यहां झोटवाड़ा इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। शैलेंद्र होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था जबकि ऋषिराज भी अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। ऋषिराज को 2014 में चार मामलों में गिरफ्तार किया गया था । उसके खिलाफ 30 से ज्यादा मामले लंबित हैं।
कुमार का कहना है कि सर्वोदय सहकारी समिति ने 2008-09 में सिरोही, पाली और जालोर में 28 शाखाओं के साथ काम करना शुरू किया था। लेकिन 2012-13 तक सोसाइटी ने निवेशकों को मूलधन और लाभांश लौटाना बंद कर दिया।
महानिरीक्षक के मुताबिक सोसाइटी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक समेत कई पदाधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन शैलेंद्र और ऋषिराज लगभग आठ साल तक गिरफ्तारी से बचते रहे।
उन्होंने कहा कि एटीएस की टीम संभावित आतंकी फंडिंग की आशंकाओं के चलते जयपुर में हवाला नेटवर्क पर नजर रख रही थीं, ऐसे ही एक लेन-देन से मिले सुरागों से झोटवाड़ा में आरोपी के छिपे होने का पता चला।
कुमार ने कहा, ‘‘कई दिनों की निगरानी के बाद एटीएस की टीम के लोग होम्योपैथिक इलाज के लिए मरीज बनकर इनके घर गए और दोनों को झोटवाड़ा के एक फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया।’’
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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