वडनगर-वाराणसी के बीच दो बाइक रैली मोदी की 25 वर्षीय जनसेवा की विरासत को जमीनी स्तर तक ले जा रहीं

वडनगर-वाराणसी के बीच दो बाइक रैली मोदी की 25 वर्षीय जनसेवा की विरासत को जमीनी स्तर तक ले जा रहीं

वडनगर-वाराणसी के बीच दो बाइक रैली मोदी की 25 वर्षीय जनसेवा की विरासत को जमीनी स्तर तक ले जा रहीं
Modified Date: September 20, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: September 20, 2026 8:49 pm IST

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के उपलक्ष्य में दो बाइक रैलियां (वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर) अलग-अलग ज़िलों, कस्बों और गांवों से गुजर रही हैं तथा सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही हैं।

दोनों रैलियों से जुड़े लोगों ने बताया कि यात्रा में शामिल लोग स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने वाले कामों में शामिल होकर ‘सेवा’ भी कर रहे हैं।

इन रैलियों का एक मुख्य उद्देश्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों, युवाओं और महिलाओं से बातचीत करके कल्याण एवं सशक्तीकरण की पहल से आए बदलावों को समझना है।

आयोजकों ने कहा कि प्रतिभागी एक ऐसी यात्रा पर निकले हैं जिसका मोटरसाइकिल रैलियों से कहीं अधिक महत्व है।

दोनों बाइक रैलियों के प्रतिभागी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाने के साथ-साथ तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्क, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर सफाई अभियानों में भी हिस्सा ले रहे हैं।

इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को जन-सेवा और समाज-सेवा तथा राष्ट्र-निर्माण से जोड़ना तथा सेवा एवं देशभक्ति की भावना को मज़बूत करना है।

पीएम श्री स्कूलों में, दोनों रैलियों में शामिल लोग परिसरों की सफ़ाई कर रहे हैं, छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और किताब-कॉपी बांट रहे हैं।

मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में वे जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं।

आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा ‘संपर्क’ और ‘संवाद’ दोनों के बारे में है। युवाओं से बातचीत, गांवों में बैठकें, ग्राम स्तर के नेताओं, महिलाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की वजह से सीधे संवाद करने, लोगों की उम्मीदों को समझने और जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने के अवसर बन रहे हैं।

अंगदान का संकल्प त्याग की भावना को बढ़ावा देता है, जबकि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को दी जाने वाली श्रद्धांजलि समुदायों को देश के इतिहास और नायकों से जोड़ रही है।

दो बाइक रैलियों को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को क्रमशः वडनगर और वाराणसी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा ये सात अक्टूबर को गंतव्य पर पहुंचेंगी।

गुजरात का वडनगर मोदी का जन्मस्थान है, जबकि उत्तर प्रदेश का वाराणसी 2014 से उनका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है।

मोदी 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वह 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री बने और तब से लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर इस पद पर बने हुए हैं।

भाजपा ने मोदी की 25 साल की जन-सेवा को दर्शाने के लिए एक अभियान शुरू किया है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर उनके सफ़र से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बनने तक का सफर शामिल है।

रैली के राष्ट्रीय प्रभारी वी.डी. शर्मा ने बताया कि वडनगर से वाराणसी तक की रैली लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 10 राज्यों के 193 ज़िलों तथा लगभग 1,159 गांवों से होकर गुज़रेगी।

लगभग 1,000 युवा इस दोतरफ़ा यात्रा में भाग ले रहे हैं।

बाइक रैलियां झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के उन इलाकों से गुजरेंगी जो पहले नक्सलवाद से प्रभावित थे।

भाषा नेत्रपाल संतोष

संतोष


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