बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, लाखों क्विंटल फसलें बर्बाद

बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, लाखों क्विंटल फसलें बर्बाद

बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, लाखों क्विंटल फसलें बर्बाद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: April 18, 2019 4:33 am IST

उमरिया। उमरिया जिले में दो दिन की लगातार बेमौसम बारिश ने किसानों की आय और आजीविका दोनों पर पानी फेर दिया है। जिले के हजारों किसानों का लाखों क्विंटल गेंहु खेत और खलिहानों में ही नष्ट हो गया है। पानी का कहर इतना तेज और जल्दी हुआ कि किसान खलिहान में रखी अपनी फसल भी सुरक्षित नहीं कर पाएं।

ये भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव 2019 : दूसरे चरण में 12 राज्यों की 95 सीटों पर मतदान जारी, जानिए पल-पल का 

वहीं खेतों में खड़ी फसल भी जोरदार बारिश से नष्ट हुई है, किसानों की गेंहू के अलावा चना, अलसी, मसूर एवं फल सब्जी भी बारिश की भेंट चढ़ गया है। खेतों में पककर टमाटर भी ज्यादा बारिश होने के कारण खेतों में ही सड़ गए, वहीं किसानों को अतिरिक्त आय दिलाने वाले मौसमी फसल महुआ और आम भी आंधी तूफान बारिश के कारण प्रभावित हुए जिनका सीधा असर किसानों को आजीविका संकट के रूप भोगना पड़ेगा।

ये भी पढ़ें: आम लोगों के साथ नेता-अभिनेताओं ने भी किया मतदान.. देखिए तस्वीरें

जिले के धनवाही, खेरवा, दुब्बार, अचला सहित सैकड़ों गांवो में बारिश का कहर किसानों के ऊपर आफत बनकर बरसा है कृषि विभाग के आंकड़े की माने तो जिले में 55768 हेक्टेयर भूमि में गेंहु की फसल की बोआई की गई थी जिसमें 1 लाख 48 हजार 900 मीट्रिक टन गेंहु के उत्पादन की संभावना थी इसके अलावा 14 हजार हेक्टेयर में बोई गई फल सब्जी भी नष्ट हो गई है। आदिवासी इलाकों में होने वाला लाखों टन महुआ भी बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ गया है। हालांकि बारिश के कहर से पीड़ित किसानों को सरकारी अधिकारी सर्वे के बाद मुआवजे का मलहम लगाने की बात कह रहे हैं।


लेखक के बारे में