शिमला, नौ सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में चल रही मणिमहेश यात्रा के दौरान पिछले दो दिनों में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनकी वजह संदिग्ध रूप से दिल का दौरा माना जा रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मृतकों में से एक पंजाब के पठानकोट निवासी सुच्चा सिंह (51) गौरीकुंड में लंगर सेवा दे रहे थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने से बुधवार को मौत हो गई।
वहीं, हरियाणा के अंबाला निवासी मनमोहन लाल (55) की मंगलवार को सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो गई थी। वह सोमवार को अपने दोस्तों के साथ भरमौर से हेलीकॉप्टर द्वारा गौरीकुंड पहुंचे थे और वहां से डल झील की ओर पैदल रवाना हुए थे।
झील के पास एक तंबू में ठहरने के दौरान उन्होंने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की, और जब तक चिकित्सीय सहायता पहुंचती, उनका निधन हो गया। प्रारंभिक जांच से संकेत मिला है कि वह पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित थे।
दो दिनों में दो मौतों के बाद, चंबा जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से इस कठिन पैदल मार्ग की यात्रा शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच कराने का आग्रह किया है।
चंबा में भरमौर से लगभग 26 किलोमीटर दूर 18,547 फुट की ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है।
हड़सर से डल झील तक 14 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई वाली यह आधिकारिक यात्रा 17 अगस्त से शुरू होकर सितंबर के अंत तक चलती है।
भाषा सुमित माधव
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