हरिद्वार वन प्रभाग में दो बाघ शावकों का शिकार कर उनके पैर काटे गए
हरिद्वार वन प्रभाग में दो बाघ शावकों का शिकार कर उनके पैर काटे गए
ऋषिकेश, 20 मई (भाषा) उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में बाघ के दो शावकों का शिकार किए जाने की घटना सामने आयी हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शावकों का शिकार करने के बाद उनके चारों पैर काट दिए गए हैं।
उत्तराखंड के अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे ने बताया कि घटना के संबंध में वन गुर्जर (वन में रहने वाली खानाबदोश जनजाति) के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।
पांडे ने बताया कि बाघ के मृत शावकों के अवशेष 18-19 मई की बीच की रात को बरामद हुए। मारे गए शावकों की उम्र एक साल है और उनमें से एक नर और एक मादा है।
पांडे ने बताया कि इन बाघ शावकों के अवशेष जिस जगह पड़े मिले हैं, वहीं एक भैंस का अधखाया अवशेष भी मिला है। उन्होंने बताया कि संभवतः आरोपियों ने भैंस के अवशेष पर जहर डाल दिया होगा और जहर लगा मांस खाने से इन शावकों की मृत्यु हो गई होगी।
उन्होंने कहा कि इसके बाद आरोपियों ने उनके पैर काट दिए होंगे।
पांडे ने बताया कि बाघ शावकों की मां मौके पर मौजूद नहीं मिली, जिसकी तलाश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बाघ शावकों का कथित तौर पर शिकार करने के आरोप में श्यामपुर रेंज के कंपार्टमेंट नंबर नौ के गुर्जर डेरा के रहने वाले 37 वर्षीय फम्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पांडे के मुताबिक पूछताछ में फम्मी ने बताया कि उसके साथ इस अपराध में आशिक और जुप्पी नाम के दो अन्य लोग भी साथ थे। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
करीब एक दशक पहले भी श्यामपुर रेंज में एक ऐसी ही घटना हुई थी जब एक बाघिन द्वारा वन गुर्जरों की एक भैंस को शिकार बनाए जाने के बाद वन गुर्जरों ने सामूहिक रूप से बाघिन को घेर कर उसके मुंह में डंडा डालकर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।
दरअसल, राजाजी बाघ अभ्यारण्य की चीला रेंज से सटे वन क्षेत्र से बाघ हरिद्वार वन प्रभाग के जंगल की तरफ निकल जाते हैं, जहां बड़ी संख्या में गुर्जरों के डेरे और उनके मवेशी हैं और इसी कारण यहां मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं होती हैं।
भाषा सं दीप्ति धीरज
धीरज

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