बीड (महाराष्ट्र), 10 जून (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले के माजलगांव तहसील में बुधवार सुबह करीब 11 बजे श्रद्धालुओं से भरी एक नाव के गोदावरी नदी में पलट जाने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि नाव चालक क्षमता से कहीं अधिक श्रद्धालुओं को लेकर भगवान पुरुषोत्तम को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर ‘पुरुषोत्तमपुरी’ जा रहा था जो माजलगांव तहसील से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु अक्सर नदी में नाव का सहारा लेते हैं।
पवित्र ‘अधिक मास’ होने के कारण इस समय मंदिर में महाराष्ट्र और देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 30 से 40 लोगों को ले जा रही नाव नदी के बीच धारा में पलट गई। हादसे में बुलढाणा जिले के लोनार की रहने वाली प्रणीला शेषराव राठौड़ (55) नाम की महिला की मौत हो गई।
इसके कुछ ही देर बाद एक और अज्ञात महिला श्रद्धालु का शव बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, वाशिम जिले के महागांव की रहने वाली एक अन्य श्रद्धालु सिंधुबाई अर्जुन मावले (75) को बेहोशी की हालत में नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें माजलगांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करने और दूसरे छोर पर स्थित मंदिर जाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि भारी भीड़ को देखकर मुनाफा कमाने के चक्कर में स्थानीय नाव चालक ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया, ‘नाव चालक ने क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्रियों को मवेशियों की तरह नाव में ठूंस दिया था। जैसे ही यात्रियों से खचाखच भरी नाव गोदावरी की गहरी धारा के बीच पहुंची, असंतुलित होकर पलट गई, जिससे पुरुष, महिलाएं और बच्चे गहरे पानी में गिर गए।’
चीख-पुकार सुनकर स्थानीय मछुआरे और युवा तुरंत नदी में कूद गए और दर्जनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस इलाके में एक महीने के भीतर यह इस तरह की तीसरी घटना है।
पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भाषा सुमित प्रशांत
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