बेंगलुरु, 19 जून (भाषा) कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीडब्ल्यूएसएसबी के अवजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) में सफाई के दौरान दो श्रमिक ‘सीवेज पंपिंग वेट वेल’ में गिर गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
‘सीवेज पंपिंग वेट वेल’ अवजल को संग्रहित करने वाला एक गहरा गड्ढा होता है। जब गड्ढे में पानी का स्तर एक निश्चित ऊंचाई तक पहुंच जाता है, तो इसमें लगे सबमर्सिबल पंप खुद बखुद चालू हो जाते हैं और अवजल को एसटीपी या मुख्य सीवर लाइन में पंप कर देते हैं।
पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की पहचान बिहार निवासी बृजेश और तमिलनाडु के रहने वाले अखिलेश के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 30 साल के आसपास थी।
अधिकारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार शाम बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के 90 एमएलडी क्षमता वाले बेलंदूर अवजल शोधन संयंत्र में तीन श्रमिक 40 फीट गहरे ‘सीवेज पंपिंग वेट वेल’ की सफाई कर रहे थे, तभी बृजेश और अखिलेश अचानक फिसलकर उसमें गिर गए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीसरे श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अग्निशमन और आपातकालीन सेवा कर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया है तथा दोनों श्रमिकों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
इस बीच, बीडब्ल्यूएसएसबी ने घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
बोर्ड ने बताया कि समिति को घटना की विस्तृत जांच करने, हादसे के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उसने बताया कि समिति को 20 जून की दोपहर तक बीडब्ल्यूएसएसबी के अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
भाषा तान्या पारुल
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