उडुपी के व्यक्ति की शारजाह में हत्या, शव नौ टुकड़ों में मिला

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उडुपी के व्यक्ति की शारजाह में हत्या, शव नौ टुकड़ों में मिला

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 10:27 PM IST

उडुपी (कर्नाटक), 23 सितंबर (भाषा) उडुपी जिले के 51 वर्षीय एक व्यक्ति की जुलाई में शारजाह में कथित तौर पर हत्या कर दी गई और बाद में उसकी कार में दो बोरियों में शव नौ टुकड़ों में पाया गया। परिजनों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मृतक की पहचान अलविन प्रकाश कुंदर के रूप में की गई जो करीब 14 वर्षों से शारजाह हवाईअड्डा पर काम कर रहे थे। करीब 20 जुलाई से ही उनका परिजनों से कोई संपर्क नहीं था जिसके बाद अलविन के बड़े भाई ने यह जानकारी अधिकारियों को दी।

मृतक के भाई अनिल प्रशांत कुंदर ने कहा कि अलविन की पत्नी टीना और 10वीं कक्षा में पढ़ रहा उनका बेटा भी लापता हैं। टीना संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अध्यापिका के तौर पर काम कर रही थीं।

परिवार ने शारजाह के अधिकारियों से विवरण मांगा है और सहायता के लिए उडुपी पुलिस से भी संपर्क किया है।

उडुपी पुलिस यूएई अधिकारियों से आधिकारिक संचार की प्रतीक्षा कर रही है।

अनिल प्रशांत कुंदर ने कहा कि परिजनों को बाद में अलविन के फोन से संदेश आया कि वह बीमार हैं और आराम कर रहे हैं। इस संदेश से संदेह पैदा हुआ क्योंकि अलविन आमतौर पर लिखकर संदेश नहीं भेजते थे, बल्कि बोलकर संदेश भेजते थे।

परिजन के मुताबिक, जब परिवार ने अलविन को फोन करने को कहा तो कोई जवाब नहीं आया जिसके बाद शाहजाह में एक परिचित को उनका पता लगाने को कहा गया। जब परिचित व्यक्ति कंपनी द्वारा अलविन को उपलब्ध कराए गए मकान में गया तो वहां मौजूद चौकीदार ने उसे बताया कि अलविन भारत चले गये हैं।

हालांकि, जब परिवार द्वारा बताया गया कि वह भारत नहीं लौटे हैं तो गुमशुदगी की रिपोर्ट शारजाह में दर्ज कराई गई। बाद में अलविन का शव 12 अगस्त को उनकी टोयोटा कार से बरामद किया गया। शव दो बोरियों में बरामद हुआ।

परिवार ने अलविन का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उडुपी लाने के संबंध में आवेदन किया है।

उडुपी के पुलिस अधीक्षक हरिराम शंकर के मुताबिक, जब तक रेड कॉर्नर नोटिस या कोई इंटरपोल नोटिस जारी नहीं कर दिया जाता, उडुपी पुलिस की ओर से कोई कानूनी उपाय नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि हालांकि, हम दुबई वाणिज्य दूतावास में संपर्कों की व्यवस्था कर रहे हैं ताकि परिवार बात कर सके और जांच की आगे की प्रक्रिया के संबंध में समन्वय स्थापित कर सके।

भाषा सं राजेंद्र शफीक

शफीक