यूक्रेन ने भारत में उसके छह नागरिकों को हिरासत में लिये जाने के संबंध में ‘पारदर्शी’ जांच की मांग की

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यूक्रेन ने भारत में उसके छह नागरिकों को हिरासत में लिये जाने के संबंध में ‘पारदर्शी’ जांच की मांग की

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 06:35 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 06:35 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) भारतीय अधिकारियों द्वारा छह यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने के कुछ दिन बाद, यूक्रेन ने बृहस्पतिवार को इस मामले की पारदर्शी जांच की मांग की और जांच में सहयोग करने की इच्छा प्रकट की।

यूक्रेन ने कहा कि वह भारत में ‘आतंकवादी गतिविधियों का साथ देने में अपनी किसी तरह की संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज करता है।’

यूक्रेन के नागरिकों को मिजोरम में बिना अनुमति के प्रवेश करने और कथित गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया गया। इस मामले में एक अमेरिकी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया।

यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने इस सप्ताह विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की और यूक्रेनी नागरिकों के सिलसिले में राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की।

यूक्रेन के दूतावास ने बृहस्पतिवार को मीडिया की उन खबरों का कड़ा संज्ञान लिया जिनमें संकेत दिया गया था कि इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत रूसी पक्ष द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर ‘आधारित’ है।

खबरों में कहा गया है कि यूक्रेनी नागरिकों पर म्यामां में कुछ ऐसे समूहों की मदद करने के संदेह में गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है, जो भारत विरोधी विद्रोही समूहों के साथ मिलकर काम करती हैं।

एक बयान में, इस दूतावास ने उन परिस्थितियों पर अपनी ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की, जो इस मामले की संभावित सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रकृति की ओर इशारा करती हैं, जैसा कि विशेष रूप से इस स्तर पर ज्ञात तथ्यों से स्पष्ट होता है।

दूतावास ने कहा, ‘‘यूक्रेन आतंकवादी गतिविधियों में साथ देने में अपनी संभावित संलिप्तता के आरोपों को दृढ़ता से खारिज करता है।

दूतावास ने अगस्त 2024 में जारी भारत-यूक्रेन के संयुक्त बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की थी और इस बात पर जोर दिया था कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता।

उसने कहा, ‘‘दरअसल यह रूस ही है जो एक आक्रामक राष्ट्र के रूप में, हर परिस्थिति में मित्र देशों – यूक्रेन और भारत – के बीच फूट डालने का प्रयास करता है।’’

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश