नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने दिल्ली सरकार की राष्ट्रीय राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना को सराहा और सुझाव दिया कि पौधारोपण अभियान के एक हिस्से को औषधीय वन विकसित करने के लिए समर्पित किया जाए, ताकि आयुष क्षेत्र को भी बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखे पत्र में मंत्री ने 70 लाख से अधिक देसी और जलवायु-अनुकूल पौधे लगाने, 70 से अधिक जल निकाय विकसित करने तथा करीब छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र को वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव की सराहना की। उन्होंने इसे दिल्ली की पारिस्थितिक सुरक्षा और वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
जाधव ने कहा कि यह पहल शहरी वनीकरण को भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और सतत पर्यावरण प्रबंधन के साथ जोड़ने का एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
आयुष मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जाधव ने विलायती कीकर और बबूल जैसी बाहरी प्रजातियों की जगह पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन और जामुन जैसे देसी पेड़ लगाने के प्रस्ताव का स्वागत किया।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावित आठ वनों में कम से कम 20 प्रतिशत पौधे औषधीय प्रजातियों के हों, या फिर दो वनों को खास तौर पर औषधि वन के रूप में विकसित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि ऐसे वन आयुष क्षेत्र के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराएंगे, जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देंगे और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करेंगे।
बयान के मुताबिक, जाधव ने दिल्ली की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल औषधीय प्रजातियों की एक सूची भी साझा की, जिसमें अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, ब्राह्मी, आंवला, अर्जुन, अशोक, नीम, बेल और जामुन शामिल हैं।
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राखी पवनेश
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