नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) भारत में मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बीच केंद्रीय बजट 2026-27 में विधि मंत्रालय को मतदाता पहचान पत्रों के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि लोकसभा चुनाव से संबंधित खर्चों को निपटाने के लिए 500 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं।
मतदाता फोटो पहचान पत्रों (ईपीआईसी) पर होने वाला खर्च केंद्र और राज्यों के बीच बराबर बांटा जाता है। प्रत्येक राज्य अपने मतदाताओं की संख्या के अनुपात में राशि का भुगतान करता है।
भारत में मतदाताओं की संख्या वर्तमान में लगभग 99 करोड़ है।
केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार, संशोधित अनुमानों के तहत 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट अनुमानों के अनुसार, यह राशि 300 करोड़ रुपये थी।
इसके अलावा निर्वाचन आयोग, चुनाव कानूनों, संबंधित नियमों और निर्वाचन आयोग की नियुक्तियों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने वाले विधि मंत्रालय को 2024 में हुए लोकसभा चुनावों के लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी चुनाव के बाद विभिन्न एजेंसियों और राज्यों द्वारा इस उद्देश्य के लिए किए गए खर्चों को पूरा करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है।
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