केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बीएसएफ के प्रदर्शन की प्रशंसा की

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान बीएसएफ के प्रदर्शन की प्रशंसा की

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बीएसएफ के प्रदर्शन की प्रशंसा की
Modified Date: May 26, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: May 26, 2026 3:15 pm IST

बीकानेर, 26 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निभाई गई भूमिका के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमांत जिलों के नागरिकों का हौसला बनाए रखने में भी बीएसएफ ने बहुत बड़ा योगदान किया।

शाह राजस्थान के बीकानेर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शाह ने बीएसएफ के उन 2,000 से ज्यादा कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने बल के गठन के बाद से अब तक अपने प्राणों की आहुति दी है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘‘बीएसएफ के जवानों का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जो प्रदर्शन रहा है मैं उसकी भी भूरि-भूरि प्रशंसा करना चाहता हूं। बीएसएफ ने हर जगह पर, जहां मोर्चा संभाला था वे डटकर रहे। न केवल डटकर रहे बल्कि सीमांत जिलों के नागरिकों का हौसला बनाए रखने में भी बीएसएफ ने बहुत बड़ा योगदान किया है। और जहां जरूरत पड़ी वहां पाकिस्तान को मुहंतोड़ जवाब देने का काम भी बीएसएफ के जवानों ने बखूबी किया, जो आपकी हमेशा की परंपरा है।’’

उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने रेगिस्तान और घने जंगलों से लेकर बर्फीले इलाकों की विषम परिस्थितियों में सेवा दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सीमा प्रहरियों ने भारत की सीमा की सुरक्षा के दायित्व का बहुत अच्छे तरीके से … कर्तव्यपरायणता, वीरता, साहस व सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ निर्वहन किया है।’’

शाह ने कहा, ‘इन कर्मियों का बलिदान 140 करोड़ भारतीयों पर ऋण है और पूरे देश को उन पर गर्व है।’

गृह मंत्री ने इस चौकी पर महिला बैरकों का भी उद्घाटन किया और कहा कि महिलाकर्मियों ने सीमा सुरक्षा संबंधी कर्तव्यों के निर्वहन में अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन करके अपनी क्षमताओं को सिद्ध किया है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है और 2030 तक सभी महिलाकर्मियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि सांचू चौकी का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि पाकिस्तानी सेना के भारी हमलों के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने सफलतापूर्वक इसकी रक्षा की थी।

उन्होंने राजस्थान में सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी प्रकाश डाला जिनमें सड़कों का निर्माण, सीमा पर बाड़ के नए डिजाइन और 180 सीमा चौकियों को पानी की पाइपलाइन से जोड़ना शामिल है।

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन के ज़रिए नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया है।

शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा अब केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकती; उन्होंने सुरक्षा तंत्र को और अधिक मज़बूत बनाने के लिए राज्य पुलिस बलों और राज्य प्रशासनों के बीच घनिष्ठ तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के कारण होने वाले कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि विभिन्न एजेंसियों को सीमावर्ती गांवों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

इस अवसर पर अमित शाह ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने सांचू माता मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। साथ ही, प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन कर आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

भाषा पृथ्वी मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में