केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने एटा में जल शोधन संयंत्र का किया निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने एटा में जल शोधन संयंत्र का किया निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने एटा में जल शोधन संयंत्र का किया निरीक्षण
Modified Date: June 16, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: June 16, 2026 12:04 am IST

एटा (उप्र), 15 जून (भाषा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सोमवार को एटा जिले के बढ़ेरा गांव में निर्माणाधीन 456 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया।

पाटिल ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र के लोगों को खारे पानी की समस्या से राहत मिलेगी और 2027 तक निवासियों को पीने का साफ पानी उपलब्ध हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री के साथ उप्र के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल भी मौजूद रहे। मंत्रियों ने ‘हर घर जल’ और ‘नमामि गंगे’ मिशन के तहत चल रहे इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

दौरे के दौरान मंत्रियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखी और कार्यदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रभावित इलाकों के लोगों को 2027 तक खारे पानी की पुरानी समस्या से स्थायी छुटकारा मिल जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत जल शोधन और आपूर्ति के लिए लोअर गंगा नहर से पानी लिया जाएगा। पूरा होने पर इससे आगरा और फिरोजाबाद जिलों के 24 विकास खंडों और 1,682 गांवों के लाखों परिवार लाभान्वित होंगे।

समीक्षा बैठक में मंत्री पाटिल ने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों की मरम्मत तुरंत और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार की जाए, ताकि जनता को परेशानी न हो।

एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने जलेसर क्षेत्र में खारे और फ्लोराइड-युक्त पेयजल की समस्या उठाई। उन्होंने मंत्रियों से जलेसर तहसील के लगभग 56 प्रभावित गांवों को सतही जल आपूर्ति योजना में शामिल करने का आग्रह किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इन गांवों को परियोजना के दायरे में लाकर पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

भाषा सं आनन्द सुरभि

सुरभि


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