पथनमथिट्टा (केरल), 24 अक्टूबर (भाषा) सबरीमला मंदिर से सोना गायब होने के मामले की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) शुक्रवार को मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया के तहत बेंगलुरु ले गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
एसआईटी सुबह सुबह पोट्टी के साथ तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय से सड़क मार्ग से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई।
सूत्रों ने बताया कि जांच दल के यात्रा के सटीक तरीके की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि साक्ष्य संग्रह के लिए पोट्टी को चेन्नई और हैदराबाद भी ले जाया जा सकता है।
इससे पहले, रन्नी स्थित न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने एसआईटी को पोट्टी की 30 अक्टूबर तक की हिरासत दी थी।
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी का लक्ष्य हिरासत अवधि समाप्त होने से पहले साक्ष्य संग्रह का काम पूरा करना है।
जांच के अनुसार, पोट्टी को 2019 में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) से इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए द्वारपालक (संरक्षक देवता) की सोने से मढ़ी हुई प्लेटें मिली थीं। उसने कथित तौर पर बिना अनुमति के इन्हें दक्षिण भारतीय राज्यों के विभिन्न मंदिरों और घरों में पहुंचाया।
बताया जाता है कि चेन्नई स्थित एक फर्म में प्लेटों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग करने के बाद, उसने इन्हें चेन्नई, बेंगलुरु और केरल में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया।
बेंगलुरु में रहने वाले पोट्टी ने शहर के एक मंदिर में भी काम किया था।
अधिकारियों ने कहा कि सबरीमला मंदिर में उनके कुछ कार्यों के लिए कर्नाटक के व्यक्तियों की ओर से धन दिया गया था।
वह द्वारपालक की मूर्तियों की प्लेटों और श्रीकोविल द्वार चौखटों से सोना गायब होने से संबंधित दो मामलों में मुख्य आरोपी है।
पोट्टी को वर्तमान में द्वारपालक की प्लेटों से सोना गायब होने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। हाल ही में, एसआईटी ने सबरीमला के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी मुरारी बाबू को भी गिरफ्तार किया है।
भाषा तान्या मनीषा
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