चीनी मांझे के संबंध में उप्र सरकार पहले ही जारी निर्देशों का अनुपालन करने को बाध्य: उच्च न्यायालय

चीनी मांझे के संबंध में उप्र सरकार पहले ही जारी निर्देशों का अनुपालन करने को बाध्य: उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 10:03 AM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 10:03 AM IST

प्रयागराज, 16 जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पतंगबाजी में चीनी मांझे के उपयोग के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस अदालत द्वारा पहले ही जारी निर्देशों का अनुपालन करने को बाध्य है।

अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश पुन: दिया कि पतंगबाजी जब अपने चरम पर हो तो इस अवधि के दौरान सरकारी तंत्र यह सुनिश्चित करे कि मानव जीवन और पक्षियों का जीवन खतरे में डालने वाले चीनी मांझा का विनिर्माण, उपयोग और बिक्री ना हो।

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने बुधवार को यह निर्देश जारी करते हुए हिमांशु श्रीवास्तव और दो अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका निस्तारित कर दी। इस याचिका में चीनी मांझा के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि 19 नवंबर, 2015 को एक जनहित याचिका में इस अदालत द्वारा पहले ही एक आदेश पारित किया गया था जिसमें राज्य सरकार को कानून के मुताबिक किसी भी रूप में चीनी मांझा के विनिर्माण, बिक्री और उपयोग रोकने के लिए सभी उचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया था।

भाषा सं राजेंद्र

वैभव

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