नीट अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में रास में हंगामा, बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित

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नीट अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में रास में हंगामा, बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 03:20 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

हंगामे के कारण उच्च सदन में आज शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।

पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने के बाद हंगामे के कारण इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। दोपहर 12 बजे बैठक फिर शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा देखने को मिला और बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दो बजे भी हंगामा नहीं थमा और उपसभापति हरिवंश ने एक ही मिनट के भीतर बैठक को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होने पर कार्यवाही संचालित करने के लिए आसन पर आये उप सभापति हरिवंश ने सदन में एक विधेयक पेश करने को कहा।

सदन की संशोधित कार्य सूची के अनुसार आज गृह मंत्री अमित शाह को राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करना था। इस विधेयक में 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान है।

इसी बीच कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर नारेबाजी और शोरगुल करने लगे।

विरोध कर रहे सदस्यों को शांत कराने का प्रयास करते हुए हरिवंश ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि सदन में आज जो भी कामकाज सूचीबद्ध है, उसी पर आप बात कर सकते हैं।’’

उन्होंने सदस्यों से कहा कि वे यदि इस प्रकार का व्यवहार करते रहे तो फिर सदन कैसे चलाया जा सकता है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थानों पर बैठने और सदन में चर्चा शुरू करने की अपील की।

हरिवंश ने कहा, ‘‘सदन में चर्चा के लिए प्रक्रियाओं के नियम आप (सदस्यों) ने ही बनाये हैं। उन नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने दीजिए।’’

उन्होंने कहा कि सदस्य यदि किसी विषय पर चर्चा के लिए सभापति से अनुमति चाहते हैं तो इसके लिए भी नियमों में प्रावधान दिये गये हैं।

उप सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वे सदन में निर्धारित कामकाज को होने दें और सदन की मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘यदि आप इसी तरह से अपने स्थानों पर खड़े होकर शोरगुल कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप नहीं चाहते हैं कि सदन में कामकाज हो।’’

हरिवंश जिस समय यह अपील कर रहे थे, उस समय विपक्षी सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे। इस दौरान सत्ता पक्ष के कई सदस्यों को भी अपने स्थानों पर खड़े होकर विपक्षी सदस्यों का विरोध करते हुए देखा गया।

सदन में हंगामा थमते न देख उप सभापति ने महज एक मिनट के भीतर ही बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सदन को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्म दिन की जानकारी देते हुए उन्हें पूरे सदन की ओर से शुभकामनाएं दी तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना की।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि उनका नेतृत्व युवाओं, नेताओं के लिए संविधान, लोकतंत्र एवं देश की अखंडता के प्रति भरोसा रखने के लिए प्रेरणाप्रद मिसाल बनेगा।’’

जिस समय सभापति उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे थे, उस समय खरगे अपने स्थान पर खड़े हुए और अपने दोनों हाथ जोड़कर सभी सदस्यों का अभिवादन किया और आभार व्यक्त किया। सदन के नेता जे पी नड्डा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा अन्य नेताओं ने मेजें थपथपा कर खरगे को बधाई दी।

उन्होंने सदस्यों को सूचित किया कि संसद टीवी पर सदस्यों के जन्मदिन की जानकारी नियमित तौर पर दी जाती है।

राधाकृष्णन ने इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को भुवनेश्वर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक सदस्य को नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दी।

नड्डा ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि एम्स अधिनियम के तहत सदन के किसी सदस्य को एम्स, भुवनेश्वर में नियुक्त करने के बारे में सभापति को अधिकृत करने के लिए वह प्रस्ताव पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता मोहंता के दो अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद एम्स, भुवनेश्वर में यह रिक्ति हुई थी।

सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी।

सदन ने संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को भी ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 संबंधी संयुक्त समिति में उच्च सदन की सदस्य सागरिका घोष और मनमोहन सामल को सदस्य बनाने का प्रावधान है।

सभापति ने सदन को सूचित किया कि मनोनीत सदस्य पी टी उषा ने ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल का नेतृत्व करने के दायित्व को पूरा करने के मकसद से इस सत्र में 20 जुलाई से चार अगस्त तक अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी है। सदन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी।

बाद में खरगे ने कुछ कहना चाहा और सभापति ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी।

खरगे ने कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया जो उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

उनकी बात पूरी भी नहीं हो सकी कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर विपक्षी सदस्यों ने भी हंगामा शुरू कर दिया।

सदन में हंगामे को देखते हुए सभापति राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी और शून्यकाल नहीं हो पाया।

बारह बजे बैठक शुरू होने पर शोरगुल के बीच ही राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी ने लोकसभा का एक संदेश सदन में पढ़कर सुनाया।

उन्होंने सदन को बताया कि लोकसभा ने सोमवार की अपनी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्यसभा से लाभ के पद संबंधी संयुक्त समिति में दो सदस्यों के निर्वाचन की सिफारिश की है। यह निर्वाचन एन. आर. एलांगो और दीपक प्रकाश के सेवानिवृत्त होने के कारण हुई रिक्तियों को भरने के लिए किया जाना है।

इसके बाद सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा। लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा और उन्होंने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के कारण सदन में प्रश्नकाल भी नहीं हो पाया।

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ और नीट पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण कल भी सदन में कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज नहीं हो पाया था।

भाषा मनीषा माधव अविनाश

अविनाश