नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सभापति ने दोपहर बारह बजकर 50 मिनट पर बैठक स्थगित करने से पहले कहा कि वह गतिरोध को लेकर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा करेंगे।
सदन की कार्यवाही पहली बार आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे जाने, नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण और शोक-संदर्भों के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे तक स्थगित की गई थी। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक, फिर बारह बज कर 50 मिनट तक और फिर दोपहर दो बजे तक कार्यवाही स्थगित की गई।
सदन में आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे जाने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे को उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
खरगे ने कहा, ‘‘हजारों छात्र जंतर-मंतर पहुंचे हैं और उन पर लाठीचार्ज किया गया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है।
खरगे जब अपनी बात रख रहे थे तभी विपक्षी सदस्य अपनी स्थानों पर खड़े होकर ‘‘शर्म करो, शर्म करो’’ के नारे लगाने लगे।
हंगामे के बीच सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रगान के साथ उच्च सदन में मॉनसून सत्र की शुरूआत हुई।
सभापति राधाकृष्णन ने बैठक शुरू होने के बाद उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए नौ सदस्यों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। गुजरात से भाजपा के मुकेश भाई जे राठवा, कर्नाटक से कांग्रेस के पवन खेड़ा, मध्यप्रदेश से भाजपा के महेश केवट, मेघालय से एनपीपी के जेम्स पगसाग कोंकल संगमा, मिजोरम से खियांग्टे लालत्लुआंगकीमा, राजस्थान से भाजपा के डॉ सतीश पूनिया, पश्चिम बंगाल से भाजपा के प्रकाश चिक बड़ाइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली।
सभापति ने नए सदस्यों का सदन में स्वागत किया।
सदन में दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आसन की अनुमति से अपनी बात रखते हुए कहा कि नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह लाखों बच्चों के भविष्य का मामला है। उन्होंने कहा कि हजारों बच्चे जंतर मंतर पर आए, और वहां लाठीचार्ज हो गया।
खरगे ने सरकार पर बच्चों को और पेपर लीक के मुद्दे को दबाने का आरोप लगाया। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और सभापति ने बैठक 11 बज कर 33 मिनट पर दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे बैठक शुरू होने पर सदन में वही नजारा था। सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा रुकते न देख सभापति ने बैठक साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12:30 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सदस्य जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन और उनके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। वे उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर भी नारे लगा रहे थे।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्यों ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच जल बंटवारे का मुद्दा भी उठाने की कोशिश की तथा सदन के बीच (वेल) में आने का प्रयास किया। हालांकि, सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बज कर 50 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी।
बैठक के फिर शुरू होने पर सदन में वही नजारा देखने को मिला। हंगामे के कारण सभापति ने बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। साथ ही उन्होंने कहा कि गतिरोध के मुद्दे पर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा होगी।
भाषा
मनीषा माधव
माधव