भुवनेश्वर, आठ जुलाई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर के हालिया वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया है कि तेजी से हो रहा शहरीकरण और भूमि का तीव्र क्षरण ओडिशा में तापमान के लगातार बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
आईआईटी भुवनेश्वर की ओर से जारी बयान के अनुसार, संस्थान के ‘स्कूल ऑफ अर्थ, ओशन एंड क्लाइमेट साइंसेज’ के शोधकर्ताओं के अध्ययन में ओडिशा में भूमि सतह के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया है कि राज्य की जलवायु पर तेजी से हो रहे शहरीकरण और भूमि उपयोग में बदलाव का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
आईआईटी भुवनेश्वर ने बताया कि यह अध्ययन ‘रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री’ की शोध पत्रिका ‘एनवायरनमेंटल साइंस: एडवांसेज़’ में प्रकाशित हुआ है।
यह अध्ययन दिक्षिका महापात्र और देबदत्त स्वैन ने किया। उन्होंने ओडिशा के सभी 30 जिलों में तापमान के उतार-चढ़ाव को समझने के लिए 20 वर्षों के उपग्रह आंकड़ों का विश्लेषण किया।
अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, तेजी से विकसित हो रहे शहरी और औद्योगिक क्षेत्र, खासकर खोरधा, गंजाम, कटक और सुंदरगढ़ सतही तापमान में लगातार वृद्धि का सामना कर रहे हैं।
संस्थान के अनुसार अध्ययन में यह भी पाया गया कि बढ़ती गर्मी अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। बलांगीर, कालाहांडी, रायगढ़ और गजपति समेत कई भीतरी और पहाड़ी जिले भी वनस्पति में कमी, जंगलों के क्षरण और बंजर भूमि के बढ़ते विस्तार के कारण लगातार तापीय दबाव का सामना कर रहे हैं।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश