नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग की निंदा की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री’’ हैं।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की जायज मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। वह इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।’’
राहुल गांधी ने दावा किया कि 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी दोषी को सजा नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि इसके बजाय मेहनती युवाओं को सजा दी जा रही है और शिक्षा से जुड़े जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपराधी नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
उनके अनुसार, छात्रों का अधिकार है कि उन्हें ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिले जो निष्पक्ष हो, उनका सम्मान करे और ठीक से काम करे।
राहुल गांधी का कहना था कि छात्रों पर आंसू गैस का इस्तेमाल और लाठीचार्ज ‘‘लोकतांत्रिक तरीका नहीं’’ है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को स्वीकार कर इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग शिक्षा व्यवस्था की स्थिति से परेशान हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शिक्षा व्यवस्था तथा संस्थानों पर कब्जा कर लिया है।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं का अनादर करते हैं और ‘‘असत्य’’ तथा ‘‘हिंसा’’ में विश्वास करते हैं।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज ‘‘लोकतंत्र पर हमला’’ है।
खरगे ने आरोप लगाया कि जो छात्र और युवा अपनी बात रखने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं, उनके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई बार सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि एक ओर बेरोजगारी है और दूसरी ओर सरकार परीक्षाएं तक नहीं करा पा रही है। खरगे ने कहा कि ऐसी सरकार सत्ता में रहने के लायक नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि रामभक्तों के साथ धोखा किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी को लेनी चाहिए क्योंकि ट्रस्ट के गठन और उसमें लोगों को शामिल करने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
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