लखनऊ, 20 जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के उन शिक्षकों को राहत दी जो सरकार द्वारा बाद में जारी स्पष्टीकरण से प्रभावित हुए थे। अदालत ने ऐसे शिक्षकों के लिए अंतर-जिला स्थानांतरण के वास्ते आवेदन जमा करने की समय सीमा दो सप्ताह और बढ़ा दी।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने ज्योति कुशवाह और चार अन्य शिक्षकों द्वारा दायर याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत ने राज्य सरकार को संबंधित आदेश को विभाग की वेबसाइट और समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने का निर्देश दिया ताकि सभी पात्र शिक्षकों को नए आवेदन जमा करने का मौका मिल सके।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि चार जून 2026 को जारी एक सरकारी आदेश में अंतर-जिला स्थानांतरण की अनुमति दी गई थी जहां पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक थे।
हालांकि, आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने और आवेदकों की सूची तैयार होने के बाद 22 जून को जारी एक स्पष्टीकरण की वजह से नीति के कार्यान्वयन में बदलाव आये जिससे कई पात्र शिक्षक आवेदन करने के अवसर से वंचित हो गए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि गत 22 जून के स्पष्टीकरण से प्रभावित शिक्षकों को एक और अवसर देने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
न्यायालय ने सभी समान पद वाले शिक्षकों के लिए आवेदन की समय सीमा दो सप्ताह बढ़ा दी और अधिकारियों को कानून के अनुसार उनके आवेदनों पर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया।
भाषा सं. सलीम धीरज
धीरज