उत्तम कुमार की जन्मशती: मोदी, शाह और बांग्ला सितारों ने सिनेमा के ‘महानायक’ को किया याद

उत्तम कुमार की जन्मशती: मोदी, शाह और बांग्ला सितारों ने सिनेमा के ‘महानायक’ को किया याद

उत्तम कुमार की जन्मशती: मोदी, शाह और बांग्ला सितारों ने सिनेमा के ‘महानायक’ को किया याद
Modified Date: September 3, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: September 3, 2026 8:35 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बांग्ला सिनेमा के प्रमुख कलाकार प्रसेनजीत चटर्जी, जीत और राइमा सेन ने बृहस्पतिवार को सिनेमा जगत के दिग्गज उत्तम कुमार की जन्मशती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उस सुपरस्टार को याद किया, जिनका अभिनय और योगदान आज भी कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय है।

बांग्ला सिनेमा के महानायक के नाम से मशहूर उत्तम कुमार आज भी बंगाल और भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक माने जाते हैं।

तीन सितंबर 1926 को जन्मे उत्तम कुमार ने ‘सप्तपदी’, ‘हरानो सूर’, ‘नायक’, ‘एंथनी फिरंगी’, ‘गृहदाह’, ‘जीवन मृत्यु’ और ‘चिड़ियाखाना’ जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया। उनका वास्तविक नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था। उत्तम कुमार का 24 जुलाई 1980 को निधन हो गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महानायक उत्तम कुमार… एक ऐसे दिग्गज कलाकार जिनकी सदाबहार अदाकारी अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को उनसे जोड़ती है। उनकी जन्मशती पर उन्हें श्रद्धांजलि।’’

प्रधानमंत्री ने 30 अगस्त को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का एक हिस्सा भी साझा किया जिसमें उन्होंने उत्तम कुमार को बहुमुखी प्रतिभा का धनी कलाकार बताया था जिन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी।

मोदी ने कहा, ‘‘फिल्म प्रेमियों का मानना ​​है कि सत्यजीत रे ने फिल्म ‘नायक’ (‘द हीरो’) की पूरी पटकथा महानायक उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। श्रीमान सत्यजीत रे ने कहा था कि उनमें अद्भुत भावनात्मक गहराई के साथ-साथ बहुत गरिमा भी थी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तम कुमार ने अपने किरदारों को जीवंत बनाने के लिए बहुत मेहनत की और वह न केवल अपने सहज अभिनय के लिए बल्कि अपनी परोपकारी सोच के लिए भी जाने जाते थे।

मोदी ने कहा, ‘‘उनका जीवन एक और बड़ी सीख देता है: कभी हार न मानें। उनकी शुरुआती फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, फिर भी वह अपने काम पर केंद्रित रहे। इसी समर्पण ने उन्हें इतनी बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद की।’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में उत्तम कुमार की फिल्मों को “भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर” बताया।

शाह ने कहा, ‘‘अपने स्वाभाविक और जीवंत अभिनय से उन्होंने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और संगीतकार के रूप में उन्होंने हर भूमिका में अपनी प्रतिभा साबित की और बांग्ला सिनेमा को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।’’

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की राजधानी कोलकाता में आयोजित जन्मशती समारोह का नेतृत्व किया।

अधिकारी ने कहा कि उनकी ‘‘बेमिसाल अभिनय की प्रतिभा, सदाबहार आकर्षण और पर्दे पर उनकी सहज मौजूदगी’’ ने सिनेमा को फिर से परिभाषित किया तथा कलाकारों की पीढ़ियों के लिए नए मानक स्थापित किए।

कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में अधिकारी ने फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों के साथ टॉलीगंज में सुपरस्टार उत्तम कुमार की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उत्तम कुमार के आकर्षण और बारीक अभिनय ने भारतीय सिनेमा को नयी पहचान दी तथा बांग्ला फिल्म निर्माण को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उत्तम कुमार ‘‘सिर्फ बड़े पर्दे के सितारे नहीं थे, बल्कि बांग्ला संस्कृति में गहराई से जुड़ी एक भावना थे।’’

फिल्म जगत से श्रद्धांजलि देने वालों में सुपरस्टार प्रसेनजीत चटर्जी समेत अन्य कलाकार भी शामिल थे। चटर्जी ने कहा कि उत्तम कुमार कभी भी बंगाल के अतीत का हिस्सा नहीं बने, बल्कि वे आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।

भाषा आशीष माधव

माधव


लेखक के बारे में